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कतर एयरवेज क्यों Air India छोड़कर IndiGo में हिस्सेदारी लेना चाहती है?

अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज (Jet Airways) के डूबने के बाद IndiGo का मार्केट शेयर काफी बढ़ गया है
अपडेटेड Nov 08, 2019 पर 09:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कतर एयरवेज (Qatar Airways) IndiGo में हिस्सेदारी ले सकती है लेकिन वह कर्ज में डूबी एयर इंडिया (Air India) में स्टेक नहीं लेगी। कतर एयरवेज ग्रुप के चीफ एग्जिक्यूटिव अल बकर ने कहा, "हम IndiGo में हिस्सेदारी लेना चाहते हैं लेकिन अभी हम इंतजार करेंगे। यह सही टाइम नहीं है। हम एयर इंडिया में हिस्सेदारी नहीं लेना चाहते हैं।"


बकर ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि IndiGo के साथ कतर एयरवेज ने एकतरफा कोडशेयर डील की है।


IndiGo ने दूसरी बार कोड शेयर डील की है। इस डील के तहत कतर एयरवेज IndiGo की दोहा से दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद उड़ान भरने वाली फ्लाइट्स पर अपनी कोडिंग करेगी।


अल बकर ने कहा, "हमें बहुत गर्व है कि हमने दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली एयरलाइन कंपनी IndiGo के साथ रणनीतिक हिस्सेदारी की है। हमारा मानना है कि यह समझौता हमारे रिश्ते को मजबूत करने का पहला कदम है।"


IndiGo के चीफ एग्जिक्यूटिव रोनोजॉय दत्ता ने कहा कि इस डील से कंपनी का इंटरनेशनल ऑपरेशंस मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।


अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज (Jet Airways) के डूबने के बाद IndiGo का मार्केट शेयर काफी बढ़ गया। अक्टूबर तक IndiGo की मार्केट हिस्सेदारी और बढ़ गई और हर 2 में से 1 पैसेंजर IndiGo से यात्रा किया। अगस्त में IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 47 फीसदी था जो अक्टूबर में बढ़कर 48.2 फीसदी हो गया।


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