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Zomato की cost cutting! कंपनी ने लगभग 100 लोगों को नौकरी से निकाला

Zomato कॉस्ट-कटिंग कर रहा है और गैर-जरूरी वर्कफोर्स को घटा रहा है
अपडेटेड Aug 08, 2019 पर 16:44  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने कंपनी के लगभग 70 से 100 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। ये छंटनी कंपनी के गुड़गांव ऑफिस के कस्टमर सपोर्ट टीम से की गई है।


दरअसल, फूड डिलीवरी बिजनेस की यह कंपनी कॉस्ट-कटिंग कर रही है और गैर-जरूरी वर्कफोर्स को घटा रही है। ज़ोमैटो ने बताया कि ये ले ऑफ कस्मटमर सपोर्ट वर्कफोर्स में काम की अपेक्षा लोग ज्यादा होने के चलते किया गया है।


livemint के सवाल के जवाब कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में कंपनी की सर्विस क्वालिटी बेहतर हुई है और ऑर्डर्स को लेकर सपोर्ट की जरूरत में भी कमी हुई है, इससे काम और वर्कफोर्स में अंतर आया है। कस्टमर सपोर्ट डिपार्टमेंट में वर्कफोर्स काम से ज्यादा है।


हालांकि, mint ने कंपनी के ऑपरेशंस की जानकारी रखने वाले एक शख्स के हवाले से कहा है कि कंपनी अपने कस्टमर सर्विस फंक्शंस को बैकएंड में ऑटोमेटिक कर रही है। चूंकि ज़ोमैटो को हर ऑर्डर पर लगने वाले कस्टमर सपोर्ट पर 4-5 रुपए खर्च करने पड़ते हैं, ऐसे में कंपनी ह्यूमन रिसोर्स पर खर्च नहीं करना चाहती है, इसलिए रणनीतिक तरीके से कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।


कंसल्टिंग फर्म मार्केट रिसर्च फर्म की स्टडी के मुताबिक देश में ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग का मार्केट 2023 तक 17 बिलियन डॉलर का होने वाला है। ये मार्केट हर साल 16 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि कर रहा है। इंडस्ट्री के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि Swiggy और Zomato दोनों बाजार में हर महीने लगभग 50 मिलियन डॉलर खर्च कर रहे हैं।


Zomato को हर महीने जहां लगभग 40 मिलियन ऑर्डर मिलते हैं, वहीं Swiggy को 30 मिलियन ऑर्डर मिल जाते हैं।