Apple को झटका, पाकिस्तान से रिश्ते के कारण पूर्व इंजीनियर के साथ भेदभाव का मामला सही निकला

Apple को झटका, पाकिस्तान से रिश्ते के कारण पूर्व इंजीनियर के साथ भेदभाव का मामला सही निकला

सैन जोस में कैलिफोर्निया स्टेट कोर्ट के जज सुनील आर. कुलकर्णी ने कहा कि महिला अपने दावे को लेकर आगे अपील कर सकती हैं

अपडेटेड Aug 12, 2021 पर 11:53 AM | स्रोत : Moneycontrol.com

एपल (Apple Inc.) अपनी एक पूर्व इंजीनियर की तरफ से गलत तरीके से दबाव बना कर नौकरी छोड़ने के दावे को जज के सामने खारिज नहीं कर पाई। इस महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया था कि उसके साथ दो पूर्वी एशिया के पुरुष सुपरवाइजर्स ने उसकी जातीय पाकिस्तानी पृष्ठभूमि को लेकर भेदभाव किया था। सैन जोस में कैलिफोर्निया स्टेट कोर्ट के जज सुनील आर. कुलकर्णी ने बुधवार को अस्थायी रूप से फैसला सुनाया कि महिला अपने दावे के साथ आगे बढ़ सकती है कि उसे अवैध रूप से निकाल दिया गया था।

जज ने आदेश में लिखा कि भले ही अनीता नारीनी शुल्ज ने अपनी मर्जी से नौकरी से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन उनके छोड़ने का कारण कानूनी रूप से गलत है, क्योंकि उनका दावा है कि उन्होंने निरंतर भेदभाव होने के बाद ही नौकरी छोड़ी थी।

शुल्ज ने पिछले साल ये मुकदमा दायर किया था, इसके बाद सिलिकॉन वैली में दूर देशों से आने वाले लोगों को लेकर जातीय पूर्वाग्रह पर काफी सवाल खड़े हुए हैं। सिलिकॉन वैली में तकनीकी दिग्गज, हमेशा नई प्रतिभाओं की तलाश में रहते हैं। अलग-अलग संस्कृतियों वाले दूर-दराज के स्थानों से इंजीनियरों और टेक्नीशियंस की भर्ती करते हैं।

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शुल्ज़ ने अपने 2020 के मुकदमे में खुद को एक हिंदू भारतीय महिला बताया, जिनके पूर्वज 1947 में भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बनने वाले सिंध क्षेत्र में रहते थे।

उन्होंने कहा कि Apple में उनके एक सुपरवाइजर भारतीय हिंदू थे और दूसरे एक मुस्लिम पाकिस्तानी। उन्होंने दावा किया कि उस पृष्ठभूमि वाले पुरुष महिलाओं को अपने अधीन मानते हैं और इस तरह उन्होंने उसके साथ व्यवहार भी किया।

शुल्ज ने अपने सुपरवाइजरों पर लगातार उसे मीचिंग्स से बाहर करने, उसकी गलत आलोचना करने, उसके काम को अहमियत न देने और उसे बोनस से वंचित करने का आरोप लगाया, जबकि उसी समय उनकी टीम के कई पुरुष इंजीनियरों को बोनस दिया गया था।

उनके केस को आगे बढ़ने की अनुमति देते हुए, जज ने समान परिस्थितियों में Apple इंजीनियरों के एक वर्ग का प्रतिनिधित्व करने के लिए शुल्ज के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया।

न्यायाधीश ने लिखा, "उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पुरुष इंजीनियरों को उन्होंने सुपरवाइज किया, उन्हें बोनस मिला, लेकिन शुल्ज को नहीं मिला, लेकिन ऐसा कोई संकेत नहीं है कि पुरुष इंजीनियरों को उनसे ज्यादा सैलरी या बोनस मिला था।"

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First Published: Aug 12, 2021 11:53 AM

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