देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर एक्सपोर्टर कंपनी इंफोसिस (Infosys) ने अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज नैस्डैक (NASDAQ) में लिस्टेड कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant) के खिलाफ अमेरिका अदालत में आरोप (काउंटरक्लेम) है। इंफोसिस का आरोप है कि कॉग्निजेंट और इसके सीईओ रवि कुमार गैर-प्रतिस्पर्धी गतिविधियों में शामिल हैं और उन्होंने इंफोसिस के हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म इंफोसिस हेलिक्स (Infosys Helix) की ग्रोथ को सुस्त करने के लिए संवेदनशील जानकारी का गलत इस्तेमाल किया।
इससे पहले कॉग्निजेंट की सब्सिडियरी कॉग्निजेंट ट्रीजेट्टो ने इंफोसिस पर हेल्थकेयर इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर से जुड़े ट्रेड सीक्रेट की चोरी करने का आरोप लगाया था। इंफोसिस ने अपने प्रार्थना पत्र में अमेरिकी अदालत से ज्यूरी ट्रायल का अनुरोध करते हुए इस सिलसिले में वकील की फीस आदि पर खर्च हुई रकम का तीन गुना हर्जाना भी मांगा है।
मनीकंट्रोल ने इस काउंटरक्लेम की कॉपी भी देखी है और टिप्पणी के लिए दोनों कंपनियों से संपर्क करने की भी कोशिश की।
तेज हुई इंफोसिस बनाम कॉग्निजेंट की लड़ाई
यह मुकदमा इन दोनों आईटी कंपनियों के बीच तनाव और बढ़ने की तरफ इशारा करता है। यह घटनाक्रम ऐसे वक्त में हुआ है, जब अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उथल-पुथल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से आईटी इंडस्ट्री अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। इसके अलावा, कॉग्निजेंट के सीईओ रवि कुमार इससे पहले इंफोसिस में काम कर चुके हैं। कॉग्निजेंट ज्वाइन करने से पहले वह इंफोसिस में प्रेसिडेंट और डिप्टी चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर थे। इससे पहले मनीकंट्रोल ने खबर दी थी कि इंफोसिस ने कॉग्निजेंट को चिट्ठी लिखकर एग्जिक्यूटिव्स की सेंधमारी करने से बचने को कहा था।