छत्तीसगढ़: 10 महीनों में अलग-अलग कारणों से 141 किसानों ने की आत्महत्या, सरकार ने विधानसभा में बताया

कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने राज्य में अप्रैल 2020 और 1 फरवरी, 2021 के बीच किसानों की आत्महत्या के ये आंकड़े विधानसभा के सामने रखे
अपडेटेड Feb 27, 2021 पर 20:38  |  स्रोत : Moneycontrol.com

जहां एक तरफ देश की राजधानी की अलग-अलग सीमाओं पर केंद्र सरकार के नए कृषि कानून (Farm Laws) के विरोध में किसान प्रदर्शन (Farmers Protest) कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ (Chattisgarh) से खबर आई है कि अलग-अलग कारणों से अप्रैल 2020 से 1 फरवरी, 2021 तक 10 महीनों में राज्य में कुल 141 किसानों ने आत्महत्या (Farmers Suicide) की है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को विधानसभा में ये आंकड़े बताए हैं।


कृषि मंत्री रवींद्र चौबे ने राज्य में अप्रैल 2020 और 1 फरवरी, 2021 के बीच किसानों की आत्महत्या के मामलों की संख्या और इनके पीछे के कारण पर विपक्ष के नेता धर्मलाल कौशिक के सवाल के जवाब में यह आंकड़ा दिया। इसके बाद विपक्षी पार्टी बीजेपी ने हर मामले की जांच करने और मृतक किसानों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी की।


चौबे ने कौशिक को दिए जवाब में कहा, “कोंडागांव जिले के किसान धनीराम मरकाम की आत्महत्या के एक मामले में, पटवारी (निचले स्तर के राजस्व अधिकारी) डोंगर नाग को फसल गिरदावरी और (भूमि) रिकॉर्ड प्रलेखन में कथित रूप से गलती के लिए निलंबित कर दिया गया था।”


कौशिक ने इस पर कहा कि जबकि केवल 10 महीनों में इतनी बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की है, लेकिन सरकार ने बस कार्रवाई के नाम पर केवल एक मामले में एक पटवारी को ही निलंबित किया है। कौशिक ने आगे कहा, "मैं मांग करता हूं कि आत्महत्या के ऐसे सभी मामलों की जांच की जाए और ऐसे किसानों के परिवार को मुआवजा दिया जाए।"


वहीं इस पर कांग्रेस विधायकों ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पिछली बीजेपी सरकार ने आत्महत्या से मरने वाले किसानों के परिवारों को कोई मुआवजा नहीं दिया था।


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