जम्मू-कश्मीर: 16 अगस्त से शुरू होगी 4G इंटरनेट सेवा, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

अटर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि 16 अगस्त से 4 जी इंटरनेट सेवा पर से बैन ट्रायल के तौर पर जम्मू-कश्मीर के दो जिले से हटा लिए जाएंगे
अपडेटेड Aug 11, 2020 पर 17:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार (Central Government) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में बताया है कि 4जी इंटरनेट (4G Internet) सेवा पर से बैन जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के दो जिलों में ट्रायल के आधार पर 15 अगस्त के बाद से हटा लिया जाएगा। अटर्नी जनरल केके वेनुगोपाल (KK Venugopal) ने कहा कि 16 अगस्त से 4 जी इंटरनेट सेवा पर से बैन ट्रायल के तौर पर जम्मू-कश्मीर के दो जिले से हटा लिए जाएंगे।


वेणुगोपाल ने कहा कि 15 अगस्त के बाद जम्मू तथा कश्मीर संभाग के एक-एक जिले में 4जी इंटरनेट सेवा ट्रायल के तौर पर शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि समिति ने निर्णय लिया है कि जम्मू-कश्मीर में 4-जी इंटरनेट सेवा व्यापक आंकलन के बाद दी जाएगी, 2 महीने के बाद इसके परिणाम की समीक्षा होगी।


केंद्र की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जिन क्षेत्रों में 4G इंटरनेट प्रदान किया जा सकता है, उनकी पहचान की जाएगी और फिर 4G सेवाएं दी जाएंगी। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र के रुख की सराहना की है। AG ने कोर्ट को बताया कि कुछ क्षेत्रों में सख्त निगरानी के अधीन इंटरनेट बैन को चयनित क्षेत्रों में ट्रायल के आधार पर किया जा सकता है। उन्होंने अदालत को बताया कि समिति का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के लिए लैंडलाइन के माध्यम से ब्रॉडबैंड की सुविधा उपलब्ध है।


वेणुगोपाल ने बताया कि विशेष समिति का विचार है कि कम हिंसा वाले क्षेत्रों में 4जी इंटरनेट को ट्रायल के आधार पर शुरू किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने जून में एक गैर सरकारी संगठन फाउंडेशन फॉर मीडिया प्रोफेशनल्स द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के 11 मई के निर्देशों का पालन करने में विफलता की समीक्षा के लिए अवमानना कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवाओं को बहाल करने की याचिकाओं पर विचार करने के लिए केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में 'विशेष समिति के गठन का आदेश दिया था।


इससे पहले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और जम्मू कश्मीर प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि केंद्रशासित प्रदेश में 4जी इंटरनेट सेवा बहाल करने के विषय पर विचार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है। बता दें कि जम्मू कश्मीर में 4जी इंटरनेट सेवा पिछले साल 5 अगस्त, 2019 से निलंबित चल रही है, जब केंद्र सरकार ने राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर और लद्दाख) में बांटने की घोषणा की थी।


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