जूही चावला ने भारत में 5जी टेक्नोलॉजी के खिलाफ खटखटाया अदालत का दरवाजा, 2 जून को होगी सुनवाई

जूही चावला का कहना है कि इस रेडियोफ्रीक्वेंसी से लोगों की सेहत के साथ-साथ पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ेगा
अपडेटेड May 31, 2021 पर 17:41  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जूही चावला (Actor Juhi Chawla) पर्यावरण को लेकर फैंस को हमेशा जागरुक करती रहती हैं। भारत में जल्द ही 5G टेक्नोलॉजी लॉन्च होने जा रही है। ऐसे में एक्ट्रेस ने इसको लेकर चिंता जाहिर की है। अभिनेत्री का कहना है कि इस रेडियोफ्रीक्वेंसी से लोगों की सेहत के साथ-साथ पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ेगा। इस मामले को लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसकी सुनवाई दो जून को होगी।


जूही चावला ने भारत में 5G टेक्नोलॉजी को लागू करने के खिलाफ एक याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की है, जिसकी पहली सुनवाई आज यानि सोमवार को हो चुकी है। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो जून को होगी। अभिनेत्री ने अपनी याचिका में दावा किया है कि 5G वायरलेस नेटवर्क से लोगों के अलावा पशुओं, वनस्पतियों और जीवों पर रेडिएशन का कुप्रभाव पड़ रहा है।


जूही चावला ने अपनी इस याचिका में भारत सरकार के दूरसंचार मंत्रालय से आम लोगों, तमाम जीव-जंतुओं, वनपसस्तियों और पर्यावरण पर 5G टेक्नोलॉजी के लागू किए जाने से पड़ने वाले असर से जुड़े अध्ययन को बारीकी से कराने और ऐसे रिपोर्ट्स के आधार पर भी इसे भारत में लागू करने और नहीं करने को लेकर कोई फैसला करने की अपील की है।


जस्टिस सी. हरि शंकर ने सोमवार को इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने मामले को अन्य पीठ के समक्ष ट्रांसफर करते हुए अगली सुनवाई दो जून तय कर दिया है। चावला की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि यदि 5G के लिए दूरसंचार उद्योग की योजना सफल होती है तो ऐसा कोई व्यक्ति, पशु-पक्षी, कीट, पेड़ पौधा नहीं होगा जो दिन के 24 घंटे और साल के 365 दिन RF रेडिएशन के स्तर से बचने में सक्षम होगा जो कि मौजूदा रेडिएशन से 10 से 100 गुना तक अधिक है।


अभिनेत्री ने अपनी याचिका में मांग की है कि 5G टेक्नोलॉजी को लागू करने से पहले इससे जुड़े तमाम तरह के अध्ययनों पर गौर किया जाए और फिर उसके बाद ही इस टेक्नोलॉजी को भारत में लागू करने पर विचार किया जाए। अभिनेत्री की ओर से वकील दीपक खोसला ने याचिका में कहा है कि सक्षम अधिकारियों को इस बात को प्रमाणित करने का निर्देश देने की मांग की है कि 5G टेक्नोलॉजी लोगों, बच्चों, जानवरों और हर प्रकार के जीवों, वनस्पतियों के लिए सुरक्षित है।


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