'मुझे रोने का मन कर रहा है...' काबुल से भारत पहुंचे अफगान सांसद फूट-फूटकर रोए, देखें वीडियो

अफगानिस्तान में फंसे भारतीय लोगों की वतन वापसी तेजी कराई जा रही है
अपडेटेड Aug 23, 2021 पर 09:48  |  स्रोत : Moneycontrol.com

Afghanistan Crisis: काबुल से भारत पहुंचे अफगानिस्तान के एक सांसद नरेंद्र सिंह खालसा (Narender Singh Khalsa) रविवार को गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर मीडिया से बात करते हुए रो पड़े। उन्होंने भारत लाए जाने पर केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि वो भारत सुरक्षित पहुंच गए। नरेंद्र सिंह ने बताया कि काबुल में  एयरपोर्ट तक पहुंचना बहुत मुश्किल था।


गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर विमान से उतरने के बाद खालसा ने पत्रकारों से कहा कि मुझे रोने का मन कर रहा है... पिछले 20 सालों में जो कुछ भी बनाया गया था, वह अब समाप्त हो गया है। अफगानिस्तान अब शून्य पर पहुंच गया है।


एक अफगान महिला, जिसके घर को तालिबान ने जला दिया, ने काबुल से निकालने के लिए भारत को धन्यवाद दिया। महिला ने कहा कि अफगानिस्तान में स्थिति बिगड़ रही थी, इसलिए मैं अपनी बेटी और दो पोते-पोतियों के साथ यहां आई। हमारे भारतीय भाई-बहन हमारे बचाव में आए। उन्होंने (तालिबान) ने मेरा घर जला दिया। मैं हमारी मदद करने के लिए भारत को धन्यवाद देता हूं।


काबुल से निकाले गए 87 लोग दिल्ली पहुंचे, 168 लोगों को लेकर एक और विमान पहुंचा भारत


400 लोगों को वापस लाया गया भारत


तालिबानी कब्जे के बाद अफगानिस्तान में फंसे भारतीय लोगों की वतन वापसी तेजी कराई जा रही है। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद काबुल में खराब होती सुरक्षा स्थिति की पृष्ठभूमि में भारत अफगान राजधानी से अपने नागरिकों को बाहर निकालने के अपने प्रयासों के तहत तीन उड़ानों के जरिए अपने 329 नागरिकों और दो अफगान सांसद समेत करीब 400 लोगों को रविवार को देश वापस ले आया।


भारतीय वायुसेना के सी-19 सैन्य परिवहन विमान के जरिए 107 भारतीयों और 23 अफगान सिखों एवं हिंदुओं समेत कुल 168 लोगों को काबुल से दिल्ली के निकट हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि 87 भारतीयों और दो नेपाली नागरिकों के एक अन्य समूह को दुशाम्बे से एअर इंडिया के एक विशेष विमान से वापस लाया गया। इससे एक दिन पहले उन्हें भारतीय वायु सेना के एक विमान के जरिए ताजिकिस्तान की राजधानी दुशाम्बे ले जाया गया था।


अफगानिस्तान से लोगों को बाहर निकालने के अभियान से अवगत अधिकारियों ने बताया कि काबुल से लाए गए 168 लोगों के समूह में अफगान सांसद अनारकली होनारयार और नरेंद्र सिंह खालसा एवं उनके परिवार भी शामिल हैं। तालिबान के पिछले रविवार को काबुल पर कब्जा जमाने के बाद भारत अफगान राजधानी से पहले ही भारतीय राजदूत और दूतावास के अन्य कर्मियों समेत 200 लोगों को वायुसेना के दो सी-19 परिवहन विमानों के जरिए वहां से निकाल चुका है।


अभी भी 400 भारतीयों के फंसे होने की आशंका


सोमवार को 40 से ज्यादा भारतीयों को लेकर पहली उड़ान भारत पहुंची थी। भारतीय राजनयिकों, अधिकारियों एवं सुरक्षाकर्मियों और वहां फंसे कुछ भारतीयों समेत करीब 150 लोगों के साथ दूसरा सी-17 विमान मंगलवार को भारत पहुंचा था।


अमेरिकी सैनिकों की स्वदेश वापसी की पृष्ठभूमि में तालिबान ने अफगानिस्तान में इस महीने तेजी से अपने पांव पसारते हुए राजधानी काबुल समेत वहां के अधिकतर इलाकों पर कब्जा जमा लिया है। इन लोगों की वापसी के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा था कि अब ध्यान अफगानिस्तान की राजधानी से सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने पर होगा।


एक अनुमान के मुताबिक, अफगानिस्तान में करीब 400 भारतीय फंसे हो सकते हैं और भारत उन्हें वहां से निकालने का प्रयास कर रहा है और इसके लिए वह अमेरिका एवं अन्य मित्र राष्ट्रों के साथ समन्वय से काम कर रहा है।


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