डोमेस्टिक फ्लाइट 18 मई से शुरू, जानिए कब और कैसे टिकट बुक कर सकते हैं

वंदे भारत मिशन के तहत भारत आने वाले लोग दूसरे राज्यों तक पहुंच सके इसलिए यह फैसला लिया गया है
अपडेटेड May 15, 2020 पर 12:18  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में घरेलू उड़ानें 18 मई से शुरू हो जाएंगी। 25 मार्च से ही एयरलाइन का कामकाज बंद है। लेकिन अभी भी यह सुविधा सामान्य लोगों को नहीं मिलेगी। एयर इंडिया ने साफ किया है कि विदेश में जो लोग फंसे हैं फिलहाल उनके लिए ही यह सेवा शुरू की जा रही है। ताकि विदेश से लाने के बाद वह अपने घर जा सकें। इसकी टिकट बुकिंग 14 मई शाम 5 बजे से शुरू हो गई है।


वंदे भारत मिशन का दूसरा चरण 16 मई से 22 मई तक चलेगा। इसमें 31 देशों के 30,000 भारतीयों को वापस लाया जाएगा। 16 मई से 22 मई के बीच करीब 149 फ्लाइट्स इस काम में लगेंगी। जो लोग भारत आएंगे वो ही डोमेस्टिक फ्लाइट का इस्तेमाल अपने घर जाने के लिए कर सकेंगे।


एयर इंडिया भारत से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, फ्रेंकफर्ट, पेरिस और सिंगापुर तक वंदे भारत मिशन के दूसरे चरण के लिए चुनिंदा उड़ानों पर बृहस्पतिवार शाम को बुकिंग शुरू करेगी।


इन उड़ानों में केवल उक्त देशों के यात्री यात्रा कर सकेंगे। हालांकि कुछ उड़ानों में उस देश में कुछ समय की अवधि के लिए वैध वीजा रखने वालों को भी सफर की इजाजत दी जाएगी।


एयर इंडिया ने ट्विटर पर बताया कि भारत से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया के कुछ चुनिंदा गंतव्यों तथा फ्रेंकफर्ट, पेरिस एवं सिंगापुर की यात्रा करने के लिए बुकिंग 14 मई 2020 को शाम पांच बजे एयर इंडिया की वेबसाइट पर शुरू होगी।


केंद्र सरकार ने सात मई को वंदे भारत मिशन की शुरूआत की थी जिसमें लॉकडाउन के कारण विदेशों में फंसे भारतीयों को लाया जा रहा है।


पहले चरण में एयर इंडिया और उसकी सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस सात मई से 14 मई के बीच 12 देशों से 64 उड़ानों का परिचालन कर वहां फंसे हुए 14,800 भारतीयों को वापस ला रही हैं।


बुधवार को नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वंदे भारत मिशन के दूसरे चरण में 16 मई से 22 मई के बीच 31 देशों से 149 उड़ानों से 30,000 भारतीय लौटेंगे।


वंदे भारत मिशन में जानिए कौन कर सकता है टिकट बुकिंग


जो भारतीय नागरिक विदेश में फंस गए हैं और भारत लौटना चाहते हैं, उनके लिए गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने विस्तृत गाइडलाइंस (guidelines) जारी की है।



-कोरोना वायरस संकट के चलते जो भारतीय नागरिक विदेश में फंस गए और वो भारत आना चाहते हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्रवासी मजदूर, या जिनका वीजा समाप्त हो गया है, मेडिकल इमरजेंसी, गर्भवती महिलाएं (pregnant women), सीनियर सीटिजन, छात्र जो भारत लौटना चाहते हैं आ सकते हैं।


- जो नागरिक जहां फंसे हुए हैं उन्हें MEA द्वारा तय किए गए मिशनों में रजिस्टर्ड कराना होगा।


- यात्रा का पूरा खर्च यात्रियों को ही उठाना होगा।


- बोर्डिंग से पहले सभी यात्रियों को 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाएगा, इसका पूरा खर्च यात्रियों को देना होगा।


- यात्रा करने से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगीष किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं पाए जाने पर ही यात्री की अनुमति दी जाएगी।



- सभी यात्रियों को अपने मोबाइल में आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा।



भारत में फंसे हुए लोग जो बाहर जाना चाहते हों



-केवल उन्हीं लोगों को यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी, जो उस देश के नागरिक हैं। जिस देश में जाना है कम से कम एक साल वीजा हो। ग्रीन कार्ड या OCI कार्ड होल्डर हो।



-मेडिकल इमरजेंसी या मृत्यु के मामले में छह महीने का वीजा होने पर भारतीय नागरिकों को भी अनुमति दी जा सकती है।



- यात्रा का पूरा किराया यात्री को ही देना होगा। यात्री यह सुनिश्चित करें कि जिस देश में वे जाना चाहते हैं, वहां के हेल्थ प्रोटोकॉल के नियमों को वे पूरा करते हों।



-बोर्डिंग के समय सभी यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग होगी. जिन यात्रियों में कोरोना के लक्षण नहीं पाए जाएंगे, उन्हें ही यात्रा की अनुमति होगी।



-किसी भी सूरत में डिपोर्ट किए जाने पर डिपोर्टेशन पेनल्टी, लौटने का किराया और क्वारंटीन में खर्च होने वाले पैसा यात्री को देना होगा।


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