वेतन कटौती के खिलाफ एयर इंडिया के पायलटों ने दी हड़ताल की धमकी, जानिये क्या है पेंच

दो पायलट एसोसिएशन ने कहा, हम इस तुच्छ अवैध वेतन कटौती में पांच प्रतिशत वापस नहीं ले सकते हैं
अपडेटेड Dec 25, 2020 पर 20:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

एयर इंडिया (Air India) की पायलट यूनियनों ने अपने वेतन की कटौती में पांच प्रतिशत कमी करने के प्रबंधन के निर्णय को नामंजूर कर दिया है। यूनियनों ने धमकी दी है वेतन कटौती में अच्छी खासी कमी न की गयी तो वे हड़ताल का रास्ता अपना सकती हैं। बता दें कि इस समय ये सरकारी कंपनी रणनीतिक विनिवेश की प्रक्रिया से गुजर रही है।


पायलट यूनियन ने एयर इंडिया के सीएमडी राजीव बंसल से पूछा कि क्या इस फंड को संसद के नए भवन या पीएम केयर्स के लिए दान में दिया जाएगा? इंडियन पायलट्स गिल्ड और इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) इन दो पायलट एसोसिएशन ने कहा, हम इस तुच्छ अवैध वेतन कटौती में पांच प्रतिशत वापस नहीं ले सकते हैं और आप इस राशि को संसद या पीएम कार्स के निर्माण के लिए 5 प्रतिशत धनराशि दान करने की सलाह दे सकते हैं।


गुरूवार को एयर इंडिया के सीएमडी राजीव बंसल को लिखे एक संयुक्त पत्र में, दो युनियनों यानी इंडियन पायलट्स गिल्ड (आईपीजी) और इंडियन कमर्शियल पायलट एसोसिएशन (आईसीपीए) ने कहा, मौजूदा वेतन कटौती के स्तर को 5 प्रतिशत कम करना निहायत अपमानजनक है। उन्होंने कहा कि इस कदम के बावजूद पायलटों के लिए वर्तमान सकल वेतन की कटौती मात्र 3 प्रतिशत घटी है।


पायलटों का कहना है कि अगर एयर इंडिया मैनेजमेंट उनकी बात नहीं मानता है तो वे औद्योगिक कार्रवाई का सहारा लेने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने एयर इंडिया के पायलटों और सहायक कंपनियों के लिए कटे हुए वेतन के मुद्दे को सुलझाने और निवारण के लिए मैनेजमेंट को संदेह के हर लाभ के साथ-साथ पर्याप्त समय दिया है। उन्होंने कहा, अगर हमें इस अनुपातहीन वेतन कटौती में समय पर पर्याप्त कमी नहीं दिखती है, तो हमें औद्योगिक कार्रवाई सहित कठोर साधनों के माध्यम से इंसाफ पाने के लिए विवश होना पड़ेगा।


गौरतलब है कि पिछले महीने नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखे एक पत्र में, यूनियनों ने कहा था कि अन्य एयरलाइनों ने वेतन भत्तों को फिर से बहाल कर दिया है, लेकिन एयर इंडिया समूह के पायलटों को कम वेतन मिलना जारी है, जो सामान्य वेतन से 70 प्रतिशत तक कम है।


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