मनमाना किराया नहीं ले पाएंगे एयरलाइंस, 25 मई को सिर्फ एक तिहाई उड़ान की मंजूरी

मिनिस्ट्री ने एयरलाइन कंपनियों के किरायों की अपर और लोअर सीमा तय कर दी है
अपडेटेड May 21, 2020 पर 17:46  |  स्रोत : Moneycontrol.com

25 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही देश में फ्लाइट्स बंद है। सरकार ने अब 25 मई, ,सोमवार से उड़ानें शुरू करने की इजाजत दी हैं। देश भर में अलग-अलग जगह लोग फंसे हैं ऐसे में एयरलाइन कंपनियां मनमानी कीमत ना वसूलें इसके लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है।


सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने किरायों को नियंत्रित करने के लिए एक सीमा तय कर दी है। कोरोनावायरस लॉकडाउन के बीच 25 मई से शुरू हो रही फ्लाइट्स में उस सीमा से ज्यादा महंगी टिकट नहीं बेची जा सकेगी।


सिविल एविएशन ने 21 मई को जारी अपने ऑर्डर में कहा है, "मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक कोरनावायरस महामारी के दौरान एयरलाइन कंपनियों को एयरफेयर की लोअर और अपर सीमा का ध्यान रखना होगा।"


केंद्र सरकार के पास एयरफेयर को रेगुलेट करने का अधिकार है। एयरक्राफ्ट, एक्ट 1934 के मुताबिक, केंद्र सरकार सिविल एविएशन और एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेज का इकोनॉमी रेगुलेशन का काम कर सकती है। इसमें एयरलाइन के टिकटों का रेगुलेशन, मंजूरी देना या नामंजूर करने जैसे मामले शामिल हैं। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने 25 मई को सिर्फ एक तिहाई उड़ानों की ही मंजूरी दी है।


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