बद्रीनाथ के कपाट छह महीने बाद खुले, पीएम मोदी के नाम से हुई पहली पूजा

बद्रीनाथ का मंदिर शुक्रवार सुबह 4 बजे खुला लेकिन कोरोनावायरस संक्रमण के कारण पहले जैसी रौनक नहीं थी
अपडेटेड May 15, 2020 पर 10:46  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बद्रीनाथ धाम के कपाट छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार सुबह साढ़े चार बजे खोल दिये गए। मंदिर के कपाट ब्रह्म मुहूर्त में धनिष्ठा नक्षत्र में खोले गए,लेकिन हर वर्ष कपाट खुलने के दौरान श्रद्धालुओं से भरा रहने वाला मंदिर इस बार कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण खाली रहा। मुख्य पुजारी ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी समेत चुनिंदा 11 व्यक्ति ही मौजूद रहे। इस दौरान Social Distancing और मास्क पहनने जैसी सभी जरूरी एहतियाती कदम भी उठाये गये। इस बार कपाट खुलने के समय बैंड की आवाज और भजन भी नहीं सुनायी दीं।


बद्रीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के बाद सबसे पहले पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ से भगवान बद्रीनाथ की पहली पूजा की गई।


कैसे सजाया गया था मंदिर


मंदिर को 10 क्विंटल गेंदे के फूलों से सजाया गया था जो बिजली की रोशनी से जगमग होकर अनूठी आभा बिखेर रहा था। कपाट खुलने के बाद वेद मंत्रों की ध्वनियों से पूरी बद्रीशपुरी गूंज रही थी।


इस साल कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के कहर का प्रभाव उत्तराखंड के चार धामों पर भी पड़ा है। बद्रीनाथ के कपाट खोल दिये गये हैं लेकिन आश्रम, दुकानें, छोटे-बड़े होटल, रेस्तरां और ढाबे बंद है।


बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाने की तिथि भी इस बार कोरोना वायरस के कारण 15 दिन आगे बढ़ा दी गई थी। कपाट 30 अप्रैल को खोले जाने थे । उत्तराखंड के अन्य तीन धाम पहले ही खोले जा चुके हैं। उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्षय तृतीया के दिन खोले गये थे, वहीं रूद्रप्रयाग जिले में भोले बाबा के धाम केदारनाथ के कपाट 29 अप्रैल को खोले गये थे ।


कोरोना वायरस महामारी के कारण इस साल चार धाम यात्रा से अभी श्रद्धालुओं को दूर रखा गया है और केवल कपाट खोले गये हैं।


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