हाईकोर्ट के निर्देश के बाद छत्तीसगढ़ में 18 से 44 साल वालों के टीकाकरण पर लगी रोक

छत्तीसगढ़ सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने परिपत्र जारी करके 18 से 44 साल वालों के टीकाकरण को स्थगित कर दिया
अपडेटेड May 06, 2021 पर 14:34  |  स्रोत : Moneycontrol.com

छत्तीसगढ़ सरकार ने 18 से 44 साल वालों को लगाये जाने वाले टीकाकरण के कार्यक्रम पर रोक लगा दी है। सरकार द्वारा टीकाकरण पॉलिसी पर हाईकोर्ट की आपत्तियों के बाद 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण को स्थगित कर दिया है। बुधवार को जिला कलेक्टरों को एक परिपत्र भेजकर स्वास्थ्य विभाग ने इस बारे में सूचना दी है। परिपत्र में इसका कारण वर्तमान पॉलिसी के तहत टीकाकरण को अदालत की अवमानना माना जा सकता है ऐसा उल्लेख किया गया है।


बता दें कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार से कहा था कि वे टीका आवंटन का उचित रेश्यो तय करें और अपनी पॉलिसी पर पुनर्विचार करें। कोर्ट ने 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग का टीकाकरण सामाजिक-आर्थिक ग्रुप के आधार पर करने पर भी आपत्ति जताई थी। हाईकोर्ट ने कहा था कि टीकाककरण में ऐसे भेदभाव करना सही नहीं है। टीकाकरण विश्व  स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों  के मुताबिक ही होना चाहिए।


छत्तीसगढ़ में कोरोना के टीकाकरण में आरक्षण को लेकर दायर याचिकाओं पर मंगलवार और बुधवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने टीकाकरण में आरक्षण लागू करने पर सख्त आपत्ति जताई। कोर्ट ने शासन को स्पष्ट किया है कि टीकाकरण में इस तरह का भेदभाव जायज नहीं है। हाई कोर्ट ने टीकाकरण को लेकर शासन को दो दिन में नई नीति बनाने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने राज्य में पहले अंत्योदय कार्डधारी परिवारों के पात्र लोगों का टीकाकरण करने का फैसला किया है। इसके बाद बीपीएल और फिर एपीएल का नंबर आएगा।


हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पीआर रामचंद्र मेनन और न्यायाधीश पीपी साहू की पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह उच्च स्तर पर संबंधित विभागों के सचिवों के साथ सभी प्रासंगिक पहलुओं पर जैसे भेदभाव,  संक्रमण फैलने की संभावना और पात्र लोगों की संख्या शामिल विचार-विमर्श करें और नई नीति बनाए। इसके बाद सरकार ने टीकाकरण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया। 


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