Bharat Bandh: PM मोदी ने कृषि बिल पर विपक्ष के विरोध को बताया राजनीतिक स्वार्थ, कांग्रेस पर बोला हमला

कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज भारत बंद (Bharat Bandh) बुलाया है
अपडेटेड Sep 26, 2020 पर 08:18  |  स्रोत : Moneycontrol.com

संसद में पास हुए कृषि से जुड़े तीन बिलों के विरोध में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र कर्नाटक और तमिलनाडु समेत देशभर में किसान आज सड़क पर उतर गए हैं। कृषि विधेयकों के खिलाफ किसान संगठनों ने आज भारत बंद (Bharat Bandh) बुलाया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कृषि विधेयकों (Farm Bills issue) को लेकर सरकार पर निशाना साधने पर विपक्षी पार्टियों को शुक्रवार को आड़े हाथ लिया और कहा कि जिन्होंने दशकों तक किसानों के नाम पर सिर्फ नारे लगाए और खोखले वादे किए वे आज अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए उन्हीं के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं।


कृषि बिल का किसानों को बताएं फायदा


भारतीय जनसंघ के संस्थापक पंडित दीनदयाल उपाध्याय (Deendayal Upadhyay) की जयंती के मौके पर BJP कार्यकर्ताओं को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने यह बात कही। संसद में पारित कृषि सुधार से संबंधित विधेयकों को किसानों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने वाला करार देते प्रधानमंत्री ने BJP कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे जमीनी स्तर पर छोटे-छोटे किसानों से मिलें और कृषि विधेयकों के फायदों से उन्हें अवगत कराएं।


अफवाह फैला रहा विपक्ष


इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बहुत ही कम समय में पिछले चुनाव में किए गए बड़े वादों को पूरा करने का काम किया है, जिनमें जम्मू एवं कश्मीर से आर्टिकल 370 को निरस्त किया जाना और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कृषि सुधार संबंधी विधेयकों पर विपक्ष के विरोध को राजनीतिक स्वार्थ बताते हुए आरोप लगाया कि वे (विपक्ष) अफवाहें फैलाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के बाद अनेक दशकों तक किसान और श्रमिक के नाम पर खूब नारे लगे, बड़े-बड़े घोषणा पत्र लिखे गए, लेकिन समय की कसौटी ने सिद्ध कर दिया है कि वो सारी बातें कितनी खोखली थीं।


उन्होंने कहा कि राष्ट्र हित और जनहित के बजाय सत्ता को राजनीति का हिस्सा बना लिया गया और कुछ लोगों ने किसानों और श्रमिकों के नाम पर देश में और राज्यों में अनेक बार सरकारें बना ली। लेकिन उन्हें मिला क्या? सिर्फ वादों और कानूनों का उलझा हुआ एक ऐसा जाल जिसे ना तो किसान समझ पाता था, ना ही श्रमिक भाई-बहन समझ पाते थे। पीएम ने कहा कि किसानों को ऐसे कानूनों में उलझा कर रखा गया जिसके कारण वह अपनी ही उपज को अपने मन मुताबिक बेच भी नहीं सकता था।


विपक्ष पर लगाया झूठ बोलने का आरोप


पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ नारे थे, खोखले वादे थे। देश अब इन बातों को भलीभांति जानता है। कांग्रेस व किसी अन्य दल का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि झूठ बोलने वाले कुछ लोग इन दिनों अपने राजनीतिक स्वार्थ की वजह से किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं, उन्हें भ्रमित कर रहे हैं और अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि वे किसानों को ऐसी किसी भी अफवाह से बचाएं और कृषि सुधार संबंधी विधेयकों के महत्व को उन्हें समझाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज लेने की मजबूरी से बाहर निकालने के लिए उनकी सरकार ने कई अहम फैसले पूरी ताकत से लिए हैं।


प्रधानमंत्री ने ये बातें ऐसे समय में कही हैं जब देश के कई हिस्सों, खासकर पंजाब और हरियाणा में किसान संगठन कृषि से संबंधित तीन विधेयकों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक, 2020 (Essential Commodities (Amendment) Bill, 2020), कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक 2020 ((Farmer Produce Trade and Commerce (Promotion and Facilitation) Bill, 2020)) तथा कृषक (सशक्तीकरण और संरक्षण) कीमत आश्वासन एवं कृषि सेवा पर करार विधेयक, 2020 ( Farmers ((Empowerment and Protection) Agreement of Price Assurance and Farm Services Bill, 2020)) हैं।


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