इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से की गई न्यूक्लियर साइंटिस्ट की हत्या? ईरान का इजरायल पर सनसनीखेज आरोप

सोमवार को समर्थकों के भारी जमावड़े के बीच फखरीजादेह को अंतिम विदाई दी गई और नेताओं ने उनकी हत्या का बदला लेने की प्रतिज्ञा की
अपडेटेड Dec 01, 2020 पर 09:15  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ईरान (Iran) के न्यूक्लियर प्रोग्राम के प्रमुख साइंटिस्ट मोहसिन फखरीजादेह (Iranian Nuclear Scientist Mohsen Fakhrizadeh) की तेहरान के पास हत्या कर दी गई। इसके बाद ईरान अपने टॉप लीडर की मौत के गम में डूब गया है। सोमवार को समर्थकों के भारी जमावड़े के बीच फखरीजादेह को अंतिम विदाई दी गई और नेताओं ने उनकी हत्या का बदला लेने की प्रतिज्ञा की। ईरान ने इस हमले का आरोप सीधे इजरायल (Israel) पर मढ़ा है जबकि इजरायल ने अब तक घटना पर चुप्पी साध रखी है। ईरान ने आरोप लगाया है कि उसके शीर्ष परमाणु साइंटिस्ट मोहसिन फखरीजादेह की हत्या में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का इस्तेमाल किया गया था।


ईरान के एक शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने सोमवार को आरोप लगाया कि इजरायल ने इलेक्ट्रॉनिक  डिवाइस (Electronic Devices) का इस्तेमाल कर दूर से ईरानी न्यूक्लियर साइंटिस्ट मोहसिन फखरीजादेह (Mohsen Fakhrizadeh) की हत्या कर दी, जिन्होंने 2000 के दशक में देश के सैन्य परमाणु कार्यक्रम की नींव रखी थी। ईरान के मुताबिक, डिवाइस इजरायल का बना हुआ है और इसको उपग्रह से संचालित किया जा रहा था। ईरान का आरोप है कि हत्या को अकेले इजरायल ने अंजाम नहीं दिया। इसमें उसकी सहायता करने में ईरान से निर्वासित ग्रुप मुजाहिदीन-ए-खल्क (Mujahedeen-e-Khalq) ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है।


ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शामखानी (Ali Shamkhani) ने मोहसिन फखरीजादेह को दफन करने के दौरान यह टिप्पणी की। इसी दौरान ईरान के रक्षा मंत्री आमिर हातमी ने न्यूक्लियर साइंटिस्ट के काम को तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इजरायल पर लंबे वक्त से शक किया जाता रहा है कि बीते एक दशक में ईरान के परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या में उसका हाथ है। हालांकि उसने इस हमले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।


मोहसिन फखरीजादेह ईरान के AMAD कार्यक्रम की अगुवाई करते थे। इसे लेकर इजरायल और पश्चिमी देशों का आरोप है कि यह एक सैन्य अभियान है जो परमाणु हथियार बनाने की कोशिश में हैं। शामखानी की टिप्पणी ने शुक्रवार को हुई वैज्ञानिक की हत्या की कहानी को बदल दिया है। अधिकारियों ने शुरुआत में कहा था कि एक ट्रक में विस्फोट हुआ और फिर बंदूकधारी आए और उन्होंने वैज्ञानिक की गोली मारकर हत्या कर दी। ईरान में अंग्रेजी भाषा के सरकारी प्रेस टीवी (Press TV) ने पहले खबर दी थी कि मौक-ए-वारदात से एक हथियार मिला है, जिस पर इजरायली सैन्य उद्योग का लोगो एवं अन्य पहचान मौजूद हैं।


अरबी भाषा के सरकारी टीवी चैनल अल-आलम (Al-Alam) ने दावा किया है कि हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियारों को डिवाइस के जरिए नियंत्रित किया गया था। शामखानी ने सरकारी टीवी से कहा कि दुर्भाग्य से अभियान बहुत जटिल था और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल कर उसे अंजाम दिया गया है। मौका-ए-वारदात पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। उन्होंने इजरायल के साथ ईरान के निर्वासित संगठन मुजाहिदीन-ए-खल्क को भी हमले में भूमिका निभाने के लिए जिम्मेदार ठहराया।


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