Oxford-AstraZeneca vaccine: अदार पूनावाला बोले, जनवरी तक उपलब्‍ध करा सकते हैं वैक्‍सीन के 10 करोड़ डोज

भारत में कोरोना वैक्सीन के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ सीरम इंस्टीट्यूट ने करार किया है
अपडेटेड Nov 25, 2020 पर 08:49  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना वायरस महामारी के लिए प्रभावी वैक्‍सीन के अगले साल के शुरुआती महीनों में आने की संभावना प्रबल होती जा रही है, क्‍योंकि कई वैक्‍सीन की टेस्‍टिंग शुरू हो चुकी है। इस क्रम में कई वैक्‍सीन टेस्‍टिंग के शुरुआती फेज  में हैं और कई आखिरी फेज में पहुंच चुके हैं। इस बीच कोरोना वायरस वैक्‍सीन का इंतजार कर रहे भारतीयों के लिए एक खुशखबरी है। एस्‍ट्राजेनेका/ऑक्‍सफोर्ड (Oxford-AstraZeneca) ने एक बयान में कहा है कि उसकी कोरोना वैक्‍सीन 70 फीसदी असरदार दिख रही है। वहीं, टेस्‍टिंग से यह पता चला है कि यह वैक्‍सीन कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव में 90 फीसदी प्रभावी है।


इस बीच दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India, SII) के CEO अदार पूनावाला ने इसे लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अदार पूनावाला (Adar Poonawalla) ने कहा है कि वैक्सीन की प्रभावशीलता की घोषणा पर खुशी जाहिर की। ऑक्‍सफोर्ड वैक्‍सीन को लेकर अदार पूनावाला ने कहा कि जनवरी-फरवरी तक 10 करोड़ कोरोना वैक्‍सीन के डोज उपलब्‍ध करा सकते हैं। मशहूर फार्मा कंपनी एस्‍ट्राजेनेका और यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्‍सफोर्ड की ओर से मिलकर विकसित की गई कोरोना वायरस वैक्‍सीन COVAXIN के रिजल्‍ट उत्‍साह बढ़ाने वाले रहे हैं।


दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैश्विक आपूर्ति के लिए वैक्सीन की एक अरब से अधिक खुराक का उत्पादन करने के लिए Astrazeneca, Gates Foundation और Gavi Alliance के साथ साझेदारी की है। CNBC TV18 को दिए एक इंटरव्यू में पूनावाला ने कहा कि हम जुलाई 2021 तक 400 मिलियन डोज तक की आपूर्ति कर सकते हैं। बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन AZD1222 के तीसरे फेज के ट्रायल के नतीजे आए हैं, जिसमें ये कोरोना संक्रमण से बचाव में 70 फीसदी तक असरदार साबित हुई है।


सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख ने कहा कि ब्रिटेन में जैसे ही नियामकों से मंजूरी मिलती है, हम भारत में भी अप्लाई करेंगे। पहले आपातकालीन इस्तेमाल होगा। आम लोगों को कोरोना वैक्सीन मिलने में 3-4 महीने का समय लग सकता है। पूनावाला ने बताया कि आम जनता के लिए यह वैक्सीन लगभग 500-600 रुपये के आसपास होगी। उन्होंने बताया कि बड़ी मात्रा में सरकार वैक्सीन को खरीदेगी, जिसकी वजह से उसे कम कीमत में मिलेगी। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही हर महीने 10 करोड़ डोज का उत्पादन करेंगे।


भारत में कोरोना वैक्सीन के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ सीरम इंस्टीट्यूट ने करार किया है। यहां इस वैक्सीन के लिए सीरम ने वैक्‍सीन की 100 करोड़ डोज की डील की है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में यह वैक्‍सीन Covishield नाम से बन रही है। माना जा रहा है कि तीसरे दौर के ट्रायल के सफल रहने के बाद ऑक्‍सफोर्ड और एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन को अगर यूके ड्रग रेगुलेटर से इमर्जेंसी अप्रूवल मिलता है तो दिसंबर से यह वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो सकती है। इसके बाद भारत में भी इसके आपातकालीन उपयोग पर विचार कर उपलब्‍ध कराया जा सकता है। ऑक्सफोर्ड ने कहा है कि हम अगले साल के अंत तक तीन बिलियन डोज दुनिया भर में उपलब्ध कराने की उम्मीद कर रहे हैं।


एस्ट्राजेनेका ने कहा है कि कोरोना वायरस (कोविड-19) के उसके संभावित वैक्सीन को औसतन 70 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है। कंपनी ने कहा है कि यदि एक आधी खुराक देने के कम से कम एक महीने बाद एक पूरी खुराक दी जाती है, तो यह 90 प्रतिशत प्रभावी है। एक महीने के कम से कम अंतराल पर दो पूरी खुराक दे कर किए गए ट्रायल में यह वैक्सीन 62 प्रतिशत प्रभावी है। दोनों तरीकों को मिलाकर देखें तो वैक्सीन औसत 70 प्रतिशत प्रभावी है। पूनावाला की मानें तो Covishield की न्यूनतम 100 मिलियन खुराक जनवरी तक उपलब्ध हो जाएगी।


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