केंद्र सरकार ने दिव्यांग आश्रितों की फैमिली पेंशन के लिए आय सीमा बढ़ाई

सरकार ने कहा कि नया नियम 8 फरवरी 2021 से प्रभावी रहेगा
अपडेटेड Sep 28, 2021 पर 19:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय ने मृत सरकारी कर्मचारियों पर आश्रित दिव्यांग बच्चों/भाई-बहनों की फैमिली पेंशन के लिए आय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि शारिरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहे लोगों इलाज और वित्तीय सहायता की ज्यादा जरूरत पड़ती है। ऐसे में परिवार के अन्य सदस्यों के मामले में लागू होने वाली फैमिली पेंशन की शर्तों को शारीरिक रूप से अक्षम बच्चे/भाई-बहन के मामले में उसी तरह लागू नहीं किए जा सकते।


सरकार की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, ऐसे बच्चे/भाई-बहन आजीवन फैमिली पेंशन के लिए योग्य रहेंगे, बशर्ते की उनकी दूसरे स्रोतों से होने वाली कुल कमाई सामान्य दर पर मिलने वाली फैमिली पेंशन से कम रहती हो। इसका मतलब है कि दूसरे स्रोतों से होने वाली कुल आय, मृत सरकारी कर्मचारी/पेंशनर को मिले आखिरी वेतन का 30 प्रतिशत और उस पर स्वीकृत मंहगाई राहत भत्ते के बराबर या उससे कम होनी चाहिए।


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फिलहाल, शारीरिक रूप से अशक्त बच्चे/भाई-बहन को तभी फैमिली पेंशन के लिए योग्य माना जाता है, जब उसकी दूसरे स्रोतों से होने वाली आय 9,000 रुपये और उस पर स्वीकृत मंहगाई राहत भत्ते के बराबर या उससे कम हो। सरकार ने कहा कि ये वित्तीय फायदे 8 फरवरी 2021 से प्रभावी रहेंगे।


केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 54(6) के अनुसार, मृत सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी का मानसिक या शारीरिक रूप से अशक्त बच्चा/भाई-बहन आजीवन फैमिली पेंशन के लिए योग्य है, अगर वह किसी ऐसी शारीरिक अशक्तता से पीड़ित है जिसकी वजह से वह अपनी आजाविका नहीं कमा सकता/सकती।


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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पिछले महीने बताया था कि सरकार दिव्यांग आश्रितों के लिए फैमिली पेंशन के नियमों को उदार बनाने पर विचार कर रही है। उन्होंने कहा था, "हमारा उद्देश्य उन दिव्यांगों के लिए जीने में आसानी और बेहतर आर्थिक दशाओं का निर्माण करना है, जिन्हें अधिक चिकित्सा देखभाल एवं वित्तीय सहायता की जरूरत होती है।"


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