इन डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में इस साल आया 12 फीसदी का उछाल, 10.71 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा छुआ

वित्त वर्ष 2020-21 में कस्टम ड्यूटी में सालाना आधार पर 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है
अपडेटेड Apr 14, 2021 पर 09:45  |  स्रोत : Moneycontrol.com

वित्त 2020-21 में भारत के indirect tax collections (अप्रत्यक्ष कर उगाही) में सालाना आधार पर 12 फीसदी का उछाल देखने को मिला है और यह 10.71 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। बता दें कि इसमें GST भी शामिल है। 2020-21 का इनडायरेक्ट टैक्स कलेक्शन वित्त 2021 के लिए संशोधित एस्टीमेट 9.89 लाख करोड़ रुपये से 8 फीसदी ज्यादा है।


गौरतलब है कि केंद्र सरकार के नेट डायरेक्ट कलेक्शन में भी इस साल बढ़त देखने को मिली थी। बता दें कि नेट डायरेक्ट कलेक्शन में मुख्यत: कार्पोरेट और व्यक्तिगत आय पर होने वाले टैक्स शामिल होते हैं। भारत का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन भी अपने पूर्वानुमान से 4.42 फीसदी ज्यादा रहा था। वित्त वर्ष 2021 के लिए भारत का डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.45 लाख करोड़ रुपये रहा था।


इन डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन पर प्रोविजनल डेटा मुहैया कराते हुए वित्त मंत्री ने अपने बयान में कहा है कि वित्त वर्ष 2020-21 में कस्टम ड्यूटी में सालाना आधार पर 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 1.32 लाख करोड़ रुपये पर रही है।


इसी तरह नेट सेंट्रल एक्साइज और सर्विस टैक्स में सालाना आधार पर 59 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है और यह पिछले साल यानी वित्त वर्ष 2019-20 के 2.45 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.91 लाख करोड़ रुपये पर रहा है।


इसी तरह केंद्र सरकार का नेट GST वित्त वर्ष 2020-21 में 5.48 लाख करोड़ रुपये पर रहा है जो कि पिछले साल 5.99 लाख करोड़ रुपये रहा था। इसका मतलब ये है कि वित्त वर्ष 2021 में केंद्र सरकार के नेट जीएसटी कलेक्शन में सालाना आधार पर 8.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।


 


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