Char Dham Yatra 2021: श्रद्धालुओं के लिए ई-पास की अनिवार्यता खत्म, नया गाइडलाइंस जारी

यात्रियों के पास कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा
अपडेटेड Oct 06, 2021 पर 14:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

उत्तराखंड हाई कोर्ट (Uttarakhand High Court) ने प्रदेश में चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या पर लगी पाबंदी मंगलवार को हटा दी। अब बुधवार से श्रद्धालुओं के चारधाम यात्रा पर जाने के लिए संख्या की कोई सीमा नहीं होगी। इसके साथ ही अब चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों को ई-पास की जरूरत नहीं होगी। केवल बाहरी राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों को ही देहरादून स्मार्ट सिटी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।


चीफ जस्टिस आर एस चौहान और जस्टिस आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने कोविड प्रोटोकॉल के पालन के साथ चारधामों में श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या पर लगी पाबंदी हटा दी। अदालत ने हांलांकि, अपने आदेश में कहा है कि चारधाम आने वाले प्रत्येक यात्री के पास कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट होना जरूरी होगा।


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इसके अलावा, चमोली, रूद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में चारधाम यात्रा के दौरान जरूरत के हिसाब से पुलिस बल तैनात किया जाएगा। चमोली जिले में बदरीनाथ, रूद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ और उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर स्थित हैं।


इससे पहले, चारों धामों में दर्शन के लिए हाई कोर्ट ने श्रद्धालुओं की अधिकतम संख्या निर्धारित की थी। बदरीनाथ के लिए श्रद्धालुओं की संख्या प्रतिदिन 1000, केदारनाथ के लिए 800, गंगोत्री के लिए 600 और यमुनोत्री के लिए 400 तय की गई थी।


यात्रियों की अधिकतम दैनिक संख्या निर्धारित करने के अलावा, हाई कोर्ट ने धामों के आसपास स्थित किसी जलाशय या झरने में नहाने पर भी प्रतिबंध लगाया था। हालांकि राज्य सरकार ने अदालत में हलफनामा दायर करके अदालत से अपने पूर्व के आदेश में संशोधन करके चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढा़ने की प्रार्थना की थी।


अर्जी में यह भी कहा गया था कि अदालत द्वारा पिछले आदेश में तय किए गए सभी गाइडलाइंस का पालन किया जा रहा है। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि चारों धामों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध करा दी गयी हैं। सरकार ने कहा था हालांकि, श्रद्धालुओं की संख्या में कमी से स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित हो रही है।


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