चीन की खतरनाक चाल: बातचीत के साथ गलवान में हिंसा वाली जगह दोबारा निर्माण शुरू किया

गलवान और पैंगोंग त्सो एरिया के अलावा दूसरी जगह भी चीन बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कर रहा है
अपडेटेड Jun 25, 2020 पर 15:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत-चीन (India-China Boarder Dispute) में सीमा पर तनाव कम करने के लिए लगातार बातचीत कर रहा है। चीन ने पिछली बार भारत से बातचीत करने का आग्रह भी किया था, लेकिन चीन बातचीत के साथ-साथ LAC (Line of Actual Control) पर सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है। यानी चीन दोहरी चाल चल रहा है। LAC के पास की कुछ ऐसी सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें सेना के बंकर, चीनी सैनिक और कुछ निर्माण काम दिख रहा है। गलवान घाटी पर जहां पिछले दिनों झड़प हुई थी, उस जगह पर भारतीय सैनिकों ने चीन के ढांचे को उखाड़ फेंका था। वहां पर चीन ने पेट्रोलिंग प्वाइंट 14 के पास कुछ निर्माण काम दिख रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने वहां पर निगरानी पोस्ट बना ली है। 


चीन पैंगोंग त्सो (Pangong Tso Lake) और गलवान घाटी के अलावा दौलत बेग ओल्डी क्षेत्र में पेट्रोलिंग प्वाइंट 10 से 13 तक भारतीय सैनिकों के गश्त करने में रुकावट भी खड़ा कर रहा है। कहा जा रहा है कि चीन अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और उत्तराखंड में LAC के कई महत्वपूर्ण सेक्टरों पर सैनिकों की संख्या हाथियार दोनों बढ़ा दिए हैं।


हालांकि, भारत ने भी चीनी सेना के किसी भी उकसावे की कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। LAC पर बुधवार को पहुंचे सेना प्रमुख एमएम नरवणे ने रक्षा तैयारियों का जायजा लेकर जवानों को पूरी मुस्तैदी और हौसले के साथ किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने जवानों की पीठ थपथपाते हुए कहा कि ऊंचे मनोबल के साथ इसी तरह से ड्यूटी पर डटे रहें।


बता दें कि 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गए थे। यह झड़प चीन द्वारा निगरानी चौकी बनाने को लेकर हुई थी। 


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।