कर्ज के बोझ तले दबे चीन ने गलत वक्त पर चली चाल: गुरुमूर्ति

संघ विचारक ने कहा, चीन ने एक साथ कई मोर्चे खोल दिए हैं, लेकिन उसकी फाइनेंशियली हालत ठीक नहीं है
अपडेटेड Jun 22, 2020 पर 09:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत से LAC पर तनाव पैदा कर रहे चीन ने गलत वक्‍त पर यह चाल चली है और उसके लिए यह मुश्‍किल ला सकती है। यह बात राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ के थिंकटैंक (RSS Think Tank) स्वामी नाथन गुरुमूर्ति (Swaminathan Gurumurthy) ने कहा है। उन्होंने कहा कि चीन कर्ज तले दबे होने के बावजूद गलत चली है।


 गुरुमूर्ति ने कहा कि GDP के मुकाबले चीन का कर्ज 250 फीसदी है। लिहाजा चीन वैश्विक बाजार की निर्भरता के बीच इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए। 
JNU ने Covid-19 विश्व और भारत पर एक कार्यक्रम में कहा कि चीन ने गलत चाल चली है, उसे नहीं पता कि ऐसे समय में कैसी चाल चली जाती है।


गुरुमूर्ति ने आगे अपने भाषण में कहा कि चीन ने एक साथ कई मोर्चे खोल दिए हैं। उसके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने के बावजूद कर्ज का स्तर काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा कि चीन को ऐसी हालत में ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए।


बता दें कि भारत ने लद्दाख की गलवान घाटी में 15-16 जून की रात को हिंसक आमने-सामने की लड़ाई में एक कर्नल समेत अपने 20 जवानों को खो दिया है। इससे पहले चीन ने 1967 के संघर्ष के बाद नाथूला में भारत ने करीब 80 सैनिकों को खो दिया था, जबकि चीनी पक्ष की मृत्यु 300 से अधिक थी। 


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