CAIT ने Amazon पर की 7 दिन की बैन लगाने की मांग, जुर्माने को बताया मजाक

CAIT ने विदेशी ई-कॉमर्स दिग्गज पर इतनी कम राशि लगाना भारत की न्यायिक व्यवस्था का मजाक उड़ाने वाला बताया
अपडेटेड Nov 28, 2020 पर 10:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी अमेजन (Amazon) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (The Confederation of All India Traders-CAIT) ने, सरकार द्वारा लगाए गए 25,000 रुपये के न्यूनतम जुर्माने से ही परेशान, Amazon India पर मूल नियम के उल्लंघन के लिए सात दिन के लिए बैन लगाने की मांग की है। CAIT ने कहा कि जुर्माना लगाने का मूल कारण कंपनी को यह एहसास कराना है कि उन्हें अब और अपराध नहीं करना चाहिए। शुक्रवार को एक नोट में कहा गया कि Amazon के खिलाफ एक ऐसी सजा हो, जिसका उदाहरण दिया जा सके।


दरअसल, एक दिन पहले गुरुवार को सरकार ने ई-कॉमर्स क्षेत्र की प्रमुख कंपनी द्वारा अपने मंच पर बिकने वाले उत्पादों के बारे में अनिवार्य सूचना उपलब्ध नहीं कराने के लिए 25,000 रुपये प्रति डायरेक्टर जुर्माना लगाया था। कंपनी पर यह जुर्माना उत्पाद के मूल देश तथा अन्य सूचनाएं प्रदर्शित नहीं करने के लिए लगाया गया है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने इस तरह की सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने के लिए पिछले महीने फ्लिपकार्ट और अमेजन (Amazon and Flipkart) को नोटिस जारी किया था।


जुर्माने को बताया मजाक


CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने एक संयुक्त बयान में कहा कि भारतीय कानून का उल्लंघन करने के लिए विदेशी ई-कॉमर्स दिग्गज पर इतनी कम राशि लगाना भारत की न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था का मजाक उड़ाने के अलावा और कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसी कंपनियों को सजा अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान के बराबर होनी चाहिए, और इसमें विदेशी ई-कॉमर्स खिलाड़ियों को भूमि के कानून की अवहेलना करने के लिए एक स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए।


Amazon पर सिर्फ 25 हजार का लगा जुर्माना


उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सभी ई-कॉमर्स कंपनियां नियमों का अनुपालन करें। मंत्रालय के 19 नवंबर के आदेश में कहा गया है कि अमेजन का जवाब संतोषजनक नहीं था, जिसके बाद उसपर जुर्माना लगाया गया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कानून (Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules) के तहत पहली गलती के लिए अमेजन पर प्रति डायरेक्टर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हालांकि, फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है। 


इसके अलावा CAIT Amazon पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नीति और विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन का आरोप लगाया है। कैट ने कहा कि अमेजन ने भारत में मल्टी ब्रांड रिटेल प्रगतिविधियों के संचालन के लिए भी सरकार से अनिवार्य अनुमति नहीं ली है। कैट के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल (Praveen Khandelwal) ने बुधवार को कहा कि सार्वजनिक रूप में उपलब्ध विभिन्न दस्तावेज बताते हैं कि Amazon ने Amazon India में लगभग 35,000 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस है।


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