मांग घटने से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगातार चौथे महीने गिरावट

लंबे लॉकडाउन के बाद मांग कमजोर रहने से कल कारखानों ने अपने कर्मचारियों की संख्या में तो कमी की ही है, खरीद गतिविधियां भी कम हुई हैं
अपडेटेड Aug 03, 2020 पर 18:18  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की हालत और खराब होती जा रही है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लगातार चैथे महीने गिरावट दर्ज की गई है। जुलाई में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का क्रय प्रबंधक सूचकांक (Purchasing Managers Index- PMI) जून से भी कम रहा। इसका मुख्य कारण कोरोना वायरस महामारी के कारण उत्पादों के मांग (Demand) में कमी आना है। लंबे लॉकडाउन के बाद मांग कमजोर रहने से कल कारखानों ने अपने कर्मचारियों की संख्या में तो कमी की ही है, खरीद गतिविधियां भी कम हुई हैं। सोमवार को एक मासिक सर्वेक्षण में यह कहा गया।

IHS मार्किट की रिपोर्ट (IHS Markit report) के अनुसार, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर PMI 46 अंकों पर दर्ज किया गया। जबकि जून के महीने में यह 47.2 पर था। अप्रैल से लगातार इसमें गिरावट देखने को मिल रहा है। आपको बता दें कि अप्रैल से पहले लगातार 32 महीने तक पीएमआई सूचकांक 50 से ज्यादा था। IHS मार्किट की चीफ इकोनोमिस्ट एलियॉट केर ने कहा, इंडियन मैन्युफैक्चरर से मिले आंकड़ों के पता चलता है कि कारखानों में उत्पादन और नए आर्डर नहीं मिलने की वजह से सूचकांक में गिरावट देखने को मिली है।


बीते दो महीने से जो स्थिरता के संकेत मिले थे और कमजोर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त संकेत बताते हैं कि कंपनियां काम के लिए अभी जद्दोजहद में हैं, क्योंकि उनके कुछ खरीदार अभी भी लॉकडाउन में हैं। इससे पता चलता है कि जब तक का संक्रमण दर कम नहीं होता और प्रतिबंध नहीं हटते हैं, तब तक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्रोथ की संभावना नहीं है। कमजोर मांग के चलते भारतीय मैन्युफैक्चरर्स ने जुलाई में कर्मचारियों की संख्या में कटौती को जारी रखी है।


क्या होता है PMI


PMI मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में व्यावसायिक गतिविधियों का एक संकेतक है। यह एक सर्वेक्षण आधारित प्रणाली है। PMI की गणना मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के लिए अलग-अलग की जाती है। इसके बाद एक समग्र सूचकांक (index) तैयार किया जाता है। PMI को 0 से 100 तक के सूचकांक पर मापा जाता है। PMI 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में इजाफे को प्रदर्शित करता है। जब तक PMI का आंकड़ा 50 अंकों से ज्यादा नहीं होता, तब उसे बेहतर नहीं माना जाता है।


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