लॉकडाउन का असर: अप्रैल में IIP की ग्रोथ रेट -55.5 फीसदी रही

सरकार ने लॉकडाउन के दौरान मई के लिए CPI आधारित महंगाई दर के आंकड़े जारी नहीं किए हैं
अपडेटेड Jun 13, 2020 पर 11:59  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अप्रैल में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन की ग्रोथ -55.5 फीसदी रही है। लॉकडाउन के दौरान आर्थिक गतिविधियां ठप रहने के कारण फैक्टरी आउटपुट में इतनी बड़ी गिरावट आई है। सरकार ने मई के लिए CPI (कंज्यूमर प्राइस इनफ्लेशन) आधारित महंगाई दर की ग्रोथ का भी कोई आंकड़ा जारी नहीं करेगी। देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लागू हुआ था। अप्रैल का पूरा महीना लॉकडाउन के बीच निकल गया। इस दौरान जरूरी चीजों को छोड़कर आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह बंद थीं। साथ ही खाने-पीने की चीजों में भी सिर्फ एसेंशियल चीजों की ही बिक्री हो रही थी। लिहाजा सरकार ने मई के लिए महंगाई के आंकड़े (Consumer Price Inflation) जारी नहीं किए हैं।


 सामान्य तौर पर सरकार हर महीने की 12 तारीख को फैक्ट्री प्रोडक्शन की ग्रोथ और CPI आधारित महंगाई दर के आंकड़े जारी करती है। हालांकि स्टैटिक्स डिपार्टमेंट ने यह जरूर बताया है कि इस दौरान खाने-पीने की चीजों की महंगाई 9.69 फीसदी रही जो एक महीना पहले अप्रैल 2020 में 10.5 फीसदी थी।


CNBC-TV 18 ने 10 अर्थशास्त्रियों पर किए एक पोल के मुताबिक बताया था कि मई 2020 में महंगाई की ग्रोथ 5.65 फीसदी रह सकती है। इस पोल में IIP के आंकड़ों का भी अनुमान लगाया गया था। इस अनुमान के मुताबिक, अप्रैल में IIP की ग्रोथ में -49.36 फीसदी रहने की बात कही गई थी। इससे पहले मार्च 2020 में IIP (Index of Industrial Production) की ग्रोथ -16.7 फीसदी थी।  


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