Coronavirus: संक्रमण के मामलों में आई तेजी के पीछे म्यूटेशन नहीं सुपर स्प्रेडर इवेंट हो सकते हैं कारण

संक्रमण के मामलों में अचानक से आई इतनी तेजी के पीछे वायरस के म्यूटेशन से ज्यादा ऐसे इवेंट हैं, जहां संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा होता है
अपडेटेड Feb 27, 2021 पर 18:27  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत में पिछले एक हफ्ते में Covid-19 मामलों में आई तेजी, विशेष रूप से महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु राज्यों में इसे लेकर चिंता बढ़ रही है कि नए मामलों में उछाल SARS-CoV-2 के नए वेरिएंट से जुड़ा है या नहीं? एक रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमण के मामलों में अचानक से आई इतनी तेजी के पीछे वायरस के म्यूटेशन से ज्यादा ऐसे इवेंट हैं, जहां संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा होता यानी सुपर स्प्रेडर इवेंट।


कर्नाटक सरकार के SARS-CoV-2 के जीनोमिक कंफर्मेश के लिए NIMHAN में न्यूरोबायोलॉजी के रिटायर प्रोफेसर और नोडल अधिकारी डॉ. वी रवि जैसे विशेषज्ञों ने मनीकंट्रोल को बताया कि महाराष्ट्र में बढ़ते नए केस के पीछे वायरस का नया वेरिएंट है, इस दावे को सही साबित करने के कोई सबूत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वायरस के मामलों में ये जो उछाल आया है, उसके पीछे सुपर स्प्रेडर इवेंट हैं। इसके कारण ये कम्यूनिटी स्प्रेड के रूप में बदल गया और अब इनकी टेस्टिंग, ट्रेसिंग और ट्रैकिंग में भी मुश्किलें आ रही हैं।


वायरस जैसे कोरोनावायरस, जिनके अंदर RNA जैसे जेनेटिक मटिरियल मौजूद होते हैं, वे हर समय म्यूटेट करते हैं। अधिकांश म्यूटेशन इतने छोटे होते हैं कि वे महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित नहीं करते कि वायरस कैसे काम करेगा है या कभी-कभी वायरस को कमजोर बना देते हैं।


कुछ मामलों में, एक उत्परिवर्तन वायरस को इम्यून सिस्टम को चकमा देने, लोगों को संक्रमित करने और दोबारा फैलने की क्षमता हासिल करने में मदद करता है। उदाहरण के लिए, SARS-CoV-2 वायरस महीने में एक या दो म्यूटेशन करता है। ये HIV और इन्फ्लूएंजा जैसे दूसरे वायरस की तुलना में सामान्य और बहुत कम है। वायरस जितना ज्यादा सरकुलेट होता है, उसके म्यूटेटिंग की संभावना उतनी ही ज्यादा होती है। सामूहिक टीकाकरण के साथ चेहरे पर मास्क पहनना, हाथों को साफ रखना और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपाय, वायरस को फैलाने की गुंजाइश को कम करने में मदद करेंगे।


SAR-CoV-2 वायरस के दो नए म्यूटेट वेरिएंट, N440K और E484Q, महाराष्ट्र और कुछ दूसरे राज्यों में पाए गए हैं। सरकार ने पहले स्पष्ट किया था कि महाराष्ट्र में Covid-19 मामलों की वर्तमान स्थिति के लिए इन दो म्यूटेंट को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।


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