Covid 19 Vaccination Drive: आज वैक्सिन लेने वाले हैं तो पहले जान लीजिए ये फैक्ट

कोविशिल्ड और कोवाक्सिन की एक खुराक की कीमत भारत में 295 200 से 295 तक हो सकती है
अपडेटेड Jan 16, 2021 पर 18:16  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में कोरोनावायरस वैक्सीन देने की शुरुआत आज से हुई है। पहले चरण में वैक्सीन देने के लिए सरकार ने जिन लोगों को चुना है उनमें सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मी हैं। इस मिशन को लॉन्च करने से पहले सरकार ने एक रूल बुक जारी करके वैक्सिन के डोज और स्टोरेज सहित हर जानकारी दी है। आज देश भर में भारत बायोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट का कोविशिल्ड वैक्सीन दिया जा रहा है। हालांकि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने साफ कर दिया है कि किसी को भी यह च्वाइस नहीं दी जाएगी कि वह कौन सी वैक्सिन लेना चाहता है।


वैक्सीन से जुड़ी हर जरूरी जानकारी


- कोविशिल्ड और कोवाक्सिन की एक खुराक की कीमत भारत में 295 200 से 295 तक हो सकती है। हेल्थ केयर वर्कर्स के डेटाबेस के हिसाब से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में COVISHIELD और COVAXIN वैक्सीन की 1.65 करोड़ डोज भेज दी गई हैं।


- सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय ने रेखांकित किया कि कोरोनो वायरस की वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी केवल 18 साल और उससे ज्यादा उम्र को लोगों के लिए ही दी गई है। इसके अलावा वैक्सीन की अदल-बदली नहीं की जाएगी। दूसरी खुराक भी उसी COVID-19 वैक्सीन की होनी, जिसकी पहली खुराक दी गई हो।


- स्वास्थ्य मंत्रालय ने दोनों वैक्सीन लगने के बाद हल्के साइडइफेक्ट को लेकर भी आगाह किया है। कोविशिल्ड के मामले में, जिस जगह इंजेक्शन लगाया जाएगा वहां दर्द, सिरदर्द, थकान, मास-पेशियों में दर्द, ठंड लगना जैसे कुछ हल्के साइडइफेक्ट हो सकते हैं।


- वहीं कोवाक्सिन के मामले में इंजेक्शन साइट पर दर्द, सिरदर्द, थकान, बुखार, शरीर में दर्द, पेट में दर्द, उल्टी, चक्कर आना, कंपकंपी, पसीना आना, सर्दी, खांसी और इंजेक्शन साइट पर सूजन जैसे हल्के साइडइफेक्ट दिख सकते हैं। वैक्सीनेशन के बाद इस तरह के हल्के साइडइफेक्ट से आराम पाने के लिए पेरासिटामोल का इस्तेमाल किया जा सकता है।


- जरूरत पड़ने पर Covid​​-19 वैक्सीन और दूसरी कोई वैक्सनी लेने में कम से कम 14 दिनों का आंतर होना चाहिए।


- गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं अब तक किसी भी COVID-19 वैक्सीन के क्लिनिकल ट्रायल का हिस्सा नहीं रही हैं। इसलिए, जो महिलाएं गर्भवती हैं और अपनी गर्भावस्था के बारे में सुनिश्चित नहीं हैं, उन्हें इस समय COVID-19 वैक्सीन नहीं दी जाएगी।


- SARS-CoV-2 के एक्टिव या पूर्व में लक्ष्ण रहने वाले व्यक्ति, प्लाज्मा डोनेट करने वाले मारीज, किसी बीमारी के चलते अस्वस्थ्य या अस्पताल में भर्ती लोगों को भी वैक्सीन नहीं दी जाएगी।


- सरकार का वैक्सीनेशन ऐप, CO-WIN शुरू में सिर्फ स्वास्थ्य कर्मियों के लिए चालू होगा, लेकिन एक महीने के अंदर आम जनता के लिए भी इसके इस्तेमाल को मंजूरी दे दी जाएगी। CO-WIN ऐप इस मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव की रीढ़ है और नागरिकों को वैक्सीनेशन प्रोग्राम में खुद को रजिस्टर्ड करने के लिए डिजाइन किया गया है।


- COVID वॉरियर्स के अलावा एप्लिकेशन प्रभावी रूप से केंद्र और राज्य सरकारों की तरफ से इनोक्यूलेशन ड्राइव को लागू करने के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।


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