पुण्यतिथि स्पेशल: राजीव गांधी के इन फैसलों के बगैर ना आपके हाथ में फोन होता, ना कंप्यूटर

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 29वीं पुण्यतिथि है। आज के दिन आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया जाता है
अपडेटेड May 21, 2020 पर 13:11  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 29वीं पुण्यतिथि है। राजीव गांधी 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 24 घंटे के भीतर देश के प्रधानमंत्री बन गए थे। वो राजीव गांधी ही थे, जिन्होंने भारत के लोगों को 21वीं सदी का सपना दिखाया था। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद ही 21 मई को आतंकवाद विरोधी दिवस के तौर पर मनाने का फैसला किया गया था। हर साल 21 मई को मनाए जाने वाले आतंकवाद विरोधी दिवस पर युवाओं सहित समाज के अन्य वर्गों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलाई जाती है। इस बार यह दिवस कोरोना वायरस महामारी के बीच मनाया जा रहा है।
 
राजीव गांधी के फैसले


-भारत में ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने नवोदय विद्यालय की नींव रखी थी। ये फैसला साल 1986 में शिक्षा नीति के तहत लिया गया था। आज लगभग देश के हर जिले में एक नवोदय विद्यालय है। 


​-राजीव गांधी के कार्यकाल में वोट देने की उम्र में परिवर्तन किया गया। वोट देने का अधिकार पहले 21 साल की उम्र में था। फिर राजीव गांधी ने इसे घटाकर 18 साल कर दिया। जिस समय यह फैसला लिया गया, उस समय 5 करोड़ नए युवाओं को वोट देने का अधिकार मिला।


-BSNL और MTNL टेलीकॉम कंपनियां जो आज संकट से जूझ रही हैं। राजीव गांधी के कार्यकाल में ही स्थापित की गईं थी। भारत में कम्प्यूटर शिक्षा का श्रेय राजीव गांधी को ही दिया जाता है। उन्होंने साइंस और टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए सरकारी बजट में इसका इंतजाम किया।  


-अयोध्या के विवादित मामले राम मंदिर में लगे ताले को राजीव गांधी के कार्यकाल में ही खोला गया था। कहा जाता है उन्होंने हिंदू समाज की नाराजगी को दूर करने के लिए ऐसा किया था।


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