चीन को टक्कर देने के लिए भारत ने रूस से 33 फाइटर प्लेन खरीदने का प्रस्ताव पास किया

15 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद भारत और चीन मतभेद मिटाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है
अपडेटेड Jul 03, 2020 पर 11:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत-चीन के बीच LAC पर पिछले महीने से तनातनी चल रही है। मिलिट्री लेवल की तीन बार बातचीत होने के बावजूद अब तक दोनों देशों के बीच कोई सुलह नहीं हो पाई है। हालात में सुधार होता ना देखकर भारत ने एक प्रस्ताव मंजूर किया है जिसके तहत रूस से 33 लड़ाकू विमान खरीदे जाएंगे। भारत अभी जो 33 फाइटर प्लेन खरीदने वाले हैं उनमें 21 मिग-21S और 12 सुखोई 30MKIS लड़ाकू विमान शामिल हैं। इसके अलावा 59 मौजूदा मिग-21S को अपग्रेड भी किया जाएगा।


गुरुवार को डिफेंस मिनिस्ट्री ने बताया कि रूस के साथ जो 33 फाइटर प्लेन की डील की जा रही है उसकी वैल्यू 18,148 करोड़ रुपए है। डिफेंस मिनिस्ट्री ने एयरफोर्स और नेवी के लिए 248 एस्ट्रा (ASTRA) खरीदने की भी मंजूरी दे दी है। ये ASTRA बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) क्लास के हवा से हवा में मार करने वाले मिसाइल हैं।


डिफेंस मिनिस्ट्री के एक अधिकारी ने बताया कि DRDO को एक नई 1,000 किलोमीटर की स्ट्राइक रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल के डिजाइन और अन्य जरूरतों की भी मंजूरी दी गई है। फाइटर प्लेन और हथियार खरीदने के लिए 38,900 करोड़ रुपए का प्रपोजल है। इसमें से 31,130 करोड़ रुपए की खरीदारी इंडियन कंपनी से होगी।


पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में 15 जून की रात भारत  और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इसमें एक कर्नल सहित भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद दोनों देशों में मतभेद मिटाने की कोशिश हो रही है लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिल पाई है।


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