Delhi Riots: सलमान खुर्शीद, उदित राज और बृंदा करात समेत इन नेताओं पर लगे भड़काऊ भाषण देने के आरोप

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिसमें 53 लोग मारे गए थे
अपडेटेड Sep 24, 2020 पर 20:10  |  स्रोत : Moneycontrol.com

राष्ट्रीय राजधानी में इस साल फरवरी में हुए सांप्रदायिक दंगों (February riots) के सिलसिले में दिल्ली पुलिस (Delhi police) द्वारा 17 सितंबर को दायर 17,000 पन्नों की चार्जशीट में कहा गया है कि CAA (Citizenship Amendment Act) के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid), CPM नेता वृंदा करात (Brinda Karat) और कांग्रेस नेता उदित राज (Udit Raj) भी शामिल थे। रिपोर्ट के मुताबिक, खुर्शीद के अलावा मशहूर वकील प्रशांत भूषण (Prashant Bhushan) और स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव (Yogender Yadav) का भी नाम कुछ आरोपियों ने भड़काऊ भाषण देने के लिए लिया है।


पुलिस ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगों से संबंधित मामले में कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां (Ishrat Jahan) और सुरक्षा प्राप्त एक गवाह का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने अपने बयानों में इन भाषणों का खुलासा किया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चार्जशीट में कहा गया है कि सुरक्षा प्राप्त गवाह ने Code of Criminal Procedure की धारा 161 के तहत रिकॉर्ड किए अपने बयान में कहा है कि कई जाने-माने लोग मसलन नेता उदित राज, खुर्शीद, बृंदा करात खुरेजी स्थित प्रदर्शन स्थल पर आए थे और उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए।


गवाह ने कहा कि CAA, NPR (National Population Register) और NRC (National Register for Citizens) के खिलाफ भाषण देने उदित राज, सलमान खुर्शीद, बृंदा करात, उमर खालिद (Umar Khalid) जैसे कई जाने-माने लोग खुरेजी वाले प्रदर्शन स्थल पर आया करते थे। चार्जशीट में आगे कहा गया है कि जहां ने अपने बयान में आरोप लगाया कि CAA विरोधी प्रदर्शनों को जारी रखने के लिए खुर्शीद, फिल्मकार राहुल रॉय (Rahul Roy) और भीम आर्मी के सदस्य हिमांशु जैसे लोगों को उन्होंने और कार्यकर्ता खालिद सैफी ने जामिया समन्वय समिति यानी JCC (Jamia Coordination Committee) के निर्देशों पर बुलाया था।


Ishrat Jahan ने कहा कि प्रदर्शन को लंबे समय तक जारी रखने के लिए मैंने और खालिद सैफी ने JCC के निर्देशों पर सलमान खुर्शीद, राहुल रॉय, भीम आर्मी के सदस्य हिमांशु, चंदन कुमार को बुलाया...उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए जिसके कारण प्रदर्शन में बैठे सभी लोग सरकार के खिलाफ गुस्से से भर जाते थे। सैफी ने बयान में कहा है कि जनवरी 2020 में हुए Anti CAA protests में स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, सलमान खुर्शीद भी भाषण देने आते थे।


सैफी का पूरक बयान जो आरोप-पत्र का भी हिस्सा है उसमें कहा गया है कि प्रदर्शनों को लंबे समय तक जारी रखने के लिए कई जाने-माने लेाग जैसे कि खुर्शीद, जेएनयू के छात्र शरजील इमाम, JCC सदस्य मीरान हैदर को खुरेजी प्रदर्शन स्थल पर बुलाया जाता था। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 24 फरवरी को सांप्रदायिक दंगे भड़के थे, जिसमें आधिकारिक तौर पर 53 लोग मारे गए थे।


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