बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की फंडिंग के लिए National Bank बनेगा, जानिए कैसे करेगा काम

नेशनल बैंक इंफ्रा सेक्टर को सस्ती और लंबी अवधि के लिए ऋण उपलब्ध कराएगी
अपडेटेड Mar 17, 2021 पर 09:57  |  स्रोत : Moneycontrol.com

इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने के साख इंफ्रा सेक्टर को राहत पहुंचाने और उन्हें फंडिंग मुहैया कराने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक नेशनल बैंक की स्थापना का ऐलान किया है। यह डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI) बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स को फंडिंग करेगी, ताकि तेज गति से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो सके।


यह बैंक इंफ्रा सेक्टर को सस्ती और लंबी अवधि के लिए ऋण उपलब्ध कराएगी। साथ ही इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की रीस्ट्रक्चरिंग और प्रोजेक्ट का क्लोजर भी DFI के जिम्मे होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने इंफ्रा सेक्टर के लिए DFI को मंजूरी दी है। इसके लिए बाजार से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। DFI में केंद्र सरकार पेडअप कैपिटल के रूप में 20,000 करोड़ रुपये जमा करेगी। बाकी राशि मार्केट से जुटाये जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि DFI के पास एक प्रोफेशनल बोर्ड होगा। साथ ही DFI को 10 साल के लिए टैक्स में छूट मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि DFI के गठन से विकास गति तेज होगी, साथ ही सरकार को अपने फाइनेंशियल ऑब्जेक्टिव्स पाने में भी सहायता मिलेगी।

निर्मला सीतारामण ने कहा- इससे पहले इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए कोई बैंक लॉन्ग टर्म रिस्क लेने को तैयार नहीं थी। लेक्नि हमने बजट 2021 में इसकी घोषणा की और अब इसके गठन को मंजूरी दी है।


निर्मला सीतारामण ने कहा , सरकार DFI को कुछ सिक्योरिडीज जारी करने पर विचार कर रही है, जिससे उसके फंड्स का कॉस्ट कम हो जाएगा और इससे DFI को विभिन्न श्रोतों से फंड जुटाने में मदद मिलेगी।

साथ ही इससे बॉन्ड मार्केट के भी फायदा मिलेगा। निर्मला सीतारमण ने इंफ्रा सेक्टर के लिए नेशनल बैंक के गठन और DFI के बाद भी सरकार PSU बैंक के हितों की रक्षा करेगी।


इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने और इंफ्रा सेक्टर को राहत पहुंचाने और उन्हें फंडिंग मुहैया कराने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज एक नेशनल बैंक की स्थापना का ऐलान किया है। यह डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन (DFI) देश में बड़े-बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट्स को फंडिंग करेगी, ताकि तेज गति से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो सके।


यह बैंक इंफ्रा सेक्टर को सस्ती और लंबी अवधि के लिए ऋण उपलब्ध कराएगी। साथ ही इंफ्रा प्रोजेक्ट्स की रीस्ट्रक्चरिंग और प्रोजेक्ट का क्लोजर भी DFI के जिम्मे होगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट ने इंफ्रा सेक्टर के लिए DFI को मंजूरी दी है। इसके लिए बाजार से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। DFI में केंद्र सरकार पेडअप कैपिटल के रूप में 20,000 करोड़ रुपये जमा करेगी। बाकी राशि मार्केट से जुटाये जाएंगे।

वित्त मंत्री ने कहा कि DFI के पास एक प्रोफेशनल बोर्ड होगा। साथ ही DFI को 10 साल के लिए टैक्स में छूट मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि DFI के गठन से विकास गति तेज होगी, साथ ही सरकार को अपने फाइनेंशियल ऑब्जेक्टिव्स पाने में भी सहायता मिलेगी।

निर्मला सीतारामण ने कहा- इससे पहले इंफ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए कोई बैंक लॉन्ग टर्म रिस्क लेने को तैयार नहीं थी। लेकिन हमने बजट 2021 में इसकी घोषणा की और अब इसके गठन को मंजूरी दी है।

निर्मला सीतारामण ने कहा, सरकार DFI को कुछ सिक्योरिटीज जारी करने पर विचार कर रही है, जिससे उसके फंड्स का कॉस्ट कम हो जाएगा और इससे DFI को विभिन्न श्रोतों से फंड जुटाने में मदद मिलेगी।

साथ ही इससे बॉन्ड मार्केट के भी फायदा मिलेगा। निर्मला सीतारमण ने इंफ्रा सेक्टर के लिए नेशनल बैंक के गठन और DFI के बाद भी सरकार PSU बैंक के हितों की रक्षा करेगी।


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