Covid-19 की बहुत जल्दी जांच करने पर गलत आ सकते हैं नतीजे: स्टडी

वायरस संक्रमण की जांच कराने का सबसे सही समय संक्रमण के आठ दिन बाद है जो कि लक्षण दिखने के औसतन तीन दिन हो सकता है
अपडेटेड Jun 12, 2020 पर 08:17  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आप में कोरोनावायरस के शुरुआती लक्षण हैं और आ जांच कराते हैं तो बहुत मुमकिन है कि आपकी रिपोर्ट गलत आए। यानी हो सकता है कि आप संक्रमित हों लेकिन शुरुआत या बहुत जल्दी जांच कराने पर रिपोर्ट नेगेटिव आ सकती है। इस बात का का दावा एक स्टडी में किया गया है। स्टडी के मुताबिक, कोरोनावायरस के लक्षण नजर आने के तीन दिन के बाद ही इसका टेस्ट करवाना बेहतर है। अध्ययन पत्रिका ‘ऐनल्ज़ ऑफ इंटरनल मेडिसिन’ में प्रकाशित हुआ है।


अमेरिका के जॉन हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों समेत कई अन्य मरीजों के मुंह के लार के 1,330 नमूनों का विश्लेषण किया। स्टडी के को-ऑथरलॉरेन कुसिर्का ने कहा, "चाहे किसी व्यक्ति में लक्षण हों या न हों लेकिन वह संक्रमित नहीं पाया जाता है तो यह इस बात की गारंटी नहीं है कि वह वायरस से संक्रमित नहीं है।"


उन्होंने कहा, ‘‘संक्रमित न पाए जाने पर हम मानते है कि यह जांच सही है और इससे दूसरे लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है।’’ वैज्ञानिकों के अनुसार जिन मरीजों के कोरोना वायरस की चपेट में आने की अधिक आशंका होती है उनका संक्रमित मानकर इलाज करना चाहिए खासतौर से अगर उनमें कोविड-19 के जैसे लक्षण हैं। उनका मानना है कि मरीजों को जांच की कमियों के बारे में भी बताना चाहिए।


आंकड़ों के आधार पर रिसर्चर ने अनुमान लगाया कि संक्रमण की चपेट में आने के चार दिन बाद जिनकी जांच की जाती है उनमें 67 प्रतिशत से अधिक लोगों के संक्रमित न पाए जाने की संभावना होती है भले ही वे असल में संक्रमित होते हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण की जांच कराने का सबसे सही समय संक्रमण के आठ दिन बाद है जो कि लक्षण दिखने के औसतन तीन दिन हो सकता है।


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