Faceless Income Tax अपील की शुरुआत, Taxpayers को होंगे ये फायदे, जानें पूरी प्रक्रिया

नई व्यवस्था में Taxpayers और अधिकारियों का आमना-सामना नहीं होगा। टैक्सपेयर को नहीं पता होगा कि उनके टैक्स का असेसमेंट कौन करेगा और अधिकारियों को नहीं पता रहेगा कि किसके टैक्स का असेसमेंट करना है
अपडेटेड Sep 26, 2020 पर 12:10  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में आज से फेसलेस इनकम टैक्स अपील (Faceless Income tax appeal) का शुरुआत हो गई है। इसके तहत Taxpayers को टैक्स संबंधी किसी भी पेरशानी की शिकायत करने के लिए अब इनकम टैक्स के ऑफिस नहीं जाना होगा। फेसलेस इनकम टैक्स असेसमेंट सेवा शुरू होने से किसी भी क्षेत्र के टैक्सपेयर का टैक्स असेसमेंट देश के किसी भी इनकम टैक्स ऑफिस में किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, टैक्सपेयर्स को इनकम टैक्स स्क्रूटनी असेसमेंट नोटिस के लिए किसी भी तरह की भागदौड़ नहीं करनी होगी। उन्हें अब चार्टर्ड अकाउंटेंट का चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे टैक्स सिस्टम में मौजूद परेशानियां कम होंगी टैक्स कलेक्शन का दायरा और बढ़ेगा। हालांकि ब्लैक मनी, इंटरनेशनल टैक्सेशन केस, टैक्स धोखाधड़ी के गंभीर मामलों और टैक्स चोरी के मामलों को इससे दूर रखा गया है। 

इस नई व्यवस्था में टैक्सपेयर्स और अधिकारियों का आमना-सामना नहीं होगा। टैक्सपेयर को यह नहीं पता होगा कि उनके टैक्स का असेसमेंट कौन करेगा और इनकम टैक्स के अधिकारियों को भी नहीं पता रहेगा कि उन्हें किसके टैक्स का असेसमेंट करना है। सरकार को उम्मीद है कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लेगी और इमानदार टैक्सपेयर्स को टैक्स से संबंधित निपटारे में आसानी होगा। इस सेवा के जरिये Taxpayers किसी क्लेम या नोटिस का जवाब ईमेल के जरिये दे पाएंगे। इसके लिए उन्हें इनकम टैक्स ऑफिस का चक्कर नहीं लगाना होगा।

ऐसे करेगा काम

किस टैक्स का असेसमेंट कौन करेगा, यह एक सेंट्रल कंप्यूटर से तय होगा। यह कंप्यूटर रैंडमली किसी आवेदन को चुनेगा और किसी अधिकारी के पास असेसमेंट के लिए भेज देगा। इतनी ही नहीं असेसमेंट का रिव्यू किस अधिकारी के पास जाएगा, यह भी पता नहीं चलेगा। कंप्यूटर ही इसे रिव्यू के लिए किसी अधिकारी के पास भेजेगा। इसके लिए सेंट्रल कंप्यूटर सिस्टम से एक नोटिस भेजा जाएगा और नोटिस का जवाब भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ही दोना होगा। हालांकि, जरूरत पड़ने पर अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की मदद ले सकेंगे। इसके लिए मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु में रिजनल सेंटर बनाए जाएंगे। जबकि, दिल्ली में इसका मुख्यालय होगा।

इन प्रक्रियाओं का होगा फेसलेस असेसमेंट

इनकम टैक्स कानून के तहत आने वाली कम से कम 8 प्रक्रियाओं का फेसलेस असेसमेंट होगा। इनमें इनकम टैक्स छिपाने, इनकम टैक्स रिवीजन, इनकम टैक्स संशोधन, इनकम टैक्स नोटिस जारी करने के लिए फेसलेस असेसमेंट होगा। इसके अलावा टैक्स कलेक्शन, टैक्स वूसली, परमिशन या रजिस्ट्रेशन और ऑर्डर के प्रभाव का आकलन भी फेसलेस तरीके से किया जाएगा। फेसलेस असेसमेंट एक तरह का इलेक्ट्रॉनिक तरीका है जो सॉफ्टवेयर बेस्ड होता है।

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