ईंधन टैक्स में कटौती होनी चाहिए, केंद्र-राज्य में समन्वय की जरूरत- RBI गर्वनर, शक्तिकांत दास

शक्तिकांत दास ने कहा कि टैक्स में कटौती करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को आपसी समन्वयन करके ईंधन पर से टैक्स को कम करना चाहिए
अपडेटेड Feb 27, 2021 पर 11:00  |  स्रोत : Moneycontrol.com

ईंधन की दरें बढ़ने की वजह से टैक्सी में कटौती करने को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच राजकीय संघर्ष निर्माण होता दिख ररहा है ऐसे में ईंधन पर टैक्स कटौती को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांता दास ने भी अपना मत व्यक्त किया है। शक्तिकांत दास ने कहा कि टैक्स में कटौती करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को आपसी समन्वयन करके ईंधन पर से टैक्स को कम करना चाहिए।


RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने बॉम्बे चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के 185 वे फाउंडेशन दिवस पर बोलते हुए कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मेन्युफैक्चरिंग सेक्टर वृद्धि की गति में सुधार लाने का काम कर रहा है। देश का MSME सेक्टर अर्थव्यवस्था की वृद्धि का इंजन बनकर आगे आया है। शक्तिकांता दास ने कहा कि कंपनियों को स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में ज्यादा निवेश करने की जरूरत है।


शक्तिकांत दास ने दिनोंदिन बढ़ रहे ईंधन के दाम को लेकर कहा कि ईंधन के दाम में लागत बढ़ाने वाले कारक हैं, इस मामले में केंद्र और राज्यों को मिलकर ईंधन के दाम में करों को कम करने के समन्वित कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम MFI सेक्टर के लिये अपने नियामक ढांचे को सुधारने पर काम कर रहे हैं।


बता दें कि पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल डीजल के दाम प्रति लीटर 100 रुपये तक पहुंच गये हैं। इसके अलावा अनुदानित और गैर अनुदानित गैस सिलिंडर की कीमतें भी बढ़ रही हैं। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में खनिज तेल की कीमत तुलनात्मक रूप से कम होने के बावजूद देश में प्रमुख ईंधन की दर में दिनों-दिन इजाफा हो रहा है।


पेट्रोल एवं डीजल पर टैक्स कटौती को लेकर केंद्र और राज्य एक दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं। केंद्र और राज्य गेंद को एक-दूसरे के पाले में ढकेलने का काम कर रहे हैं। जिसके बाद गुरूवार को पहली बार आरबीआई गर्वनर ने इस पर अपना मत व्यक्त किया है।


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