लगातार चमकने के बाद सोने और चांदी की कीमत में आई गिरावट, जानिए वजह

MCX पर अक्टूबर का सोना वायदा (October gold futures) 0.63 फीसदी गिरकर 54,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया
अपडेटेड Aug 11, 2020 पर 17:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

लगातार तेजी दिखाने के बाद तीन दिनों में दूसरी बार आज भारतीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरीवट आई है। एमसीएक्स (MCX) पर अक्तूबर का सोना वायदा (October gold futures) 0.63 फीसदी गिरकर 54,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, वायदा चांदी (Silver futures) एक फीसदी गिरकर 74,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। आपको बता दें कि पिछले सत्र में सोने की कीमतें 0.35 फीसदी बढ़ी थीं, जबकि चांदी 2 फीसदी यानी करीब 1,500 रुपये प्रति किलोग्राम उछली थी।


लेकिन शुक्रवार को सोना करीब 1,000 रुपये प्रति 10 ग्राम फिसल गया। इससे पहले सोना वैश्विक स्तर पर तेजी के कारण भारतीय बाजारों में 56,191 रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था। सोमवार शाम को 54,946 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ 5 अक्टूबर की डिलीवरी वाला वायदा सोना आज सुबह 54,750 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। यानी सोने की कीमतों में 196 रुपये की गिरावट आई है। आगे के कारोबार में यह गिरावट रिकवर नहीं हो रही है, बल्कि और बढ़ती दिख रही है। बाजार खुलने के चंद मिनटों में ही सोने ने 54,571 के निम्नतम स्तर को छू लिया, जबकि उच्चतम स्तर 54,750 से ऊपर नहीं बढ़ सका।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में घटे दाम

वैश्विक बाजारों में आज मजबूत डॉलर के कारण सोने की कीमतों में यह गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना (Spot gold) की कीमत 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 2,021.32 डॉलर प्रति औंस पर रहीं, जबकि अमेरिकी वायदा सोना (US gold futures) 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ 2,033.60 डॉलर प्रति औंस रहा। इसके अलावा चांदी 1.2 फीसदी गिरकर 28.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि प्लैटिनम 0.9 फीसदी गिरकर 978.10 डॉलर प्रति प्रति औंस हो गया। इस संदर्भ में कोटक सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि अगर डॉलर में और अधिक रिकवरी आती है तो सोने के भाव में और गिरावट आ सकती है।

इस वजह से आई गिरावट


विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के भाव में गिरावट आने की मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। निवेशकों ने अमेरिका में राजकोषीय प्रोत्साहन योजना (fiscal stimulus plan in the US) की प्रगति पर भी नजर रखी, जिसके कारण सोने में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा चीन और अमेरिका के बाच का तनाव भी इसका एक प्रमुख कारण रहा।


अमेरिकी राजनेताओं द्वारा ताइवान का दौरा और हांगकांग में अमेरिका की कार्रवाई के जवाब में चीन ने भी 11 अमेरिकी राजनेताओं के खिलाफ व्यक्तिगत प्रतिबंध लगा दिए। इसका असर यह हुआ कि निवेशकों ने डॉलर की सुरक्षा को प्राथमिकता दी और सोने का भाव गिर गया। ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट भाविक पटेल ने बताया कि जुलाई में नौकरियां बढ़ने के कारण अमेरिका की वास्तविक ब्याज दरें (US real interest rates) मजबूत होकर एक महीने में सबसे अधिक बढ़ी हैं। इसलिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सोना अपने लाभ पर पकड़ नहीं बना सका और इसमें गिरावट आई है।


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