रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स खत्म करेगी सरकार, वोडाफोन और केयर्न को वर्षों किया है इस टैक्स ने परेशान

Retrospective Tax को खत्म करने के लिए सरकार इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन करेगी
अपडेटेड Aug 06, 2021 पर 07:53  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत सरकार ने गुरुवार को एक अहम कदम उठाया है जिससे कंपनियों को जबरदस्त राहत मिलने वाली है। सरकार ने रेट्रोस्पेक्टिक टैक्स (Retrospective Tax) खत्म करने का फैसला किया है। इस टैक्स को खत्म करने के लिए सरकार इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन करने वाली है।


क्या है रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स?

रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स के मायने उस तरह के टैक्स से है जो कंपनियों से उनके पहले हुए डील पर भी वसूला जा रहा था। यानी अगर आज किसी कंपनी पर कोई टैक्स की देनदारी बनती थी तो वह आज से नहीं बल्कि तब से वसूला जाता है जब से वह इस टैक्स के दायरे में आई हो।


फाइनेंस मिनिस्ट्री ने आज लोकसभा में बताया, "बिल इनकम टैक्स एक्ट, 1961 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इस बिल के पास होने के बाद भविष्य में किसी कंपनी से रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स की डिमांड नहीं की जाएगी। इनकम टैक्स एक्ट में संशोधन के बाद कंपनियों के लिए यह नियम 28 मई 2012 से पहले जैसा हो जाएगा।"


सरकार के इस कदम से केयर्न, वोडाफोन जैसी कंपनियों ने भारतीय और इंटरनेशनल कोर्ट में भारत सरकार के खिलाफ जो केस किया है उसके वापस लेना का रास्ता साफ हो सकता है। सरकार की तरफ से कंपनियों को आश्वासन मिलने के बाद कंपनियां केस वापस लेने का फैसला कर सकती हैं।


सीतारमण ने कहा, "सरकार ने ये भी प्रस्ताव रखा है कि इन मामलों में जो टैक्स लिया गया है उसे ब्याज सहित वापस किया जाएगा।"


पिछले साल दिसंबर में हॉग के परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में भारत सरकार केयर्न से रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स का केस हार गई। जिसके बाद सरकार को 1.4 अरब डॉलर ब्रिटिश की इस कंपनी को रिटर्न करना है।


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