LIC में 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी केंद्र सरकार, IPO लाने की हो रही तैयारी, इतनी राशि जुटाने का लक्ष्य

सरकार का मानना है कि कोरोना काल में कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ने और टैक्स में कमी आने से बजट के अंतर की भरपाई LIC की हिस्सेदारी बेचकर की जा सकती है
अपडेटेड Sep 30, 2020 पर 08:31  |  स्रोत : Moneycontrol.com

बजट के अंतर (Budget Gap) को कम करने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) कई चरणों में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी 25% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इसके लिए सरकार कैबिनेट का अप्रूवल लेने पर विचार कर रही है। सरकार की योजना पहले चरण में आईपीओ (IPO) लाने की है। लेकिन इसके लिए सरकार को पहले संसद से LIC एक्ट में बदलाव करना होगा, क्योंकि LIC का गठन इसी एक्ट के तहत किया गया था। आज के वैल्यूएशन के हिसाब से LIC में अपनी 25% हिस्सेदारी बेचने पर केंद्र सरकार को 2 लाख करोड़ रुपए मिल सकते हैं। हालांकि, LIC के कर्मचारी और विपक्षी पार्टियां LIC के विनिवेश (Disinvestment) का विरोध कर रही हैं। 

इस मामले से जुड़े सूत्रों ने मनी कंट्रोल को बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियल सर्विसेज ने LIC में हिस्सेदारी बेचने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया किया है और इसे सेबी (SEBI), इरडा (IRDA) और नीति आयोग समेत संबंधित मंत्रालयों के पास भेजा गया है। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि सरकार ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को 100 फीसदी से घटाकर 75% तक सीमित करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि कोरोना के इस दौर में कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ने और टैक्स में कमी होने के अंतर की भरपाई LIC की हिस्सेदारी बेचकर की जा सकती है। यही वजह है कि सरकार ने एलआईसी की 25 फीसदी हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है,जबकि पहले 10 फीसदी स्टेक ही बेचने की योजना थी।

IPO से बड़ी रकम जुटाने की उम्मीद

मोदी सरकार को कोरोना काल में LIC के IPO से बड़ी रकम जुटाने की उम्मीद है। हालांकि, सरकार पहले चरण में 10 फीसदी हिस्सेदारी ही बेचेगी। उसके बाद अन्य हिस्सेदारी को कई राउंड में बेचने की योजना है। LIC के IPO को लेकर अभी समय तय नहीं है, पर सरकार इसी वित्त वर्ष में इसे लाना चाहती है। सरकार का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 2.10 लाख करोड़ रुपए कंपनियों की हिस्सेदारी बेचकर जुटाने का है। इसमें से 80 हजार करोड़ अकेले LIC से मिलने की उम्मीद है। LIC के IPO के साइज का फैसला एसेट सेल के लिए गठित मंत्रियों का पैनल करेगा।

Fiscal deficit को 3.5% पर रखने का लक्ष्य

सरकार ने मार्च 2021 तक GDP की तुलना में राजकोषीय घाटे को (Fiscal deficit) को 3.5 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने अब तक इस वित्त वर्ष में एक अप्रैल से कंपनियों की हिस्सेदारी बेचकर 57 अरब रुपए जुटाए हैं। LIC सालाना 2 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करती है। इसमें से 50-60 हजार करोड़ शेयर बाजार में और बाकी डेट बाजार तथा अन्य में निवेश किया जाता है। LIC के पास इस समय 34 करोड़ से ज्यादा पॉलिसी हैं और इसकी कुल असेट्स 32 लाख करोड़ रुपए है। इसके 1.10 लाख कर्मचारी और 12 लाख एजेंट हैं।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।