सरकार की सफाई, पीएम मोदी के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया

पीएम मोदी ने शुक्रवार को ऑल पार्टी मीटिंग के बाद कहा था कि हमारी जमीन पर किसी ने घुसपैठ नहीं की है
अपडेटेड Jun 22, 2020 पर 09:05  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सर्वदलीय बैठक के दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि चीनी सैनिकों ने भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ नहीं की है। इस बयान पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि पीएम ने चीन के आक्रामक रवैये के सामने देश की जमीन सरेंडर कर दी है। राहुल ने कई सवाल दाग दिए थे। इस पर केंद्र सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि कोई नियंत्रण रेखा को पार करेगा उसे मजबूती से जवाब दिया जाएगा।


सर्वदलीय बैठक में यह भी बताया गया था कि इस बार चीनी सेना बड़ी ताकत के साथ LAC पर आई है। यह भी साफ तौर पर कहा गया था कि 15 जून को गलवान में हिंसा हुई थी, क्योंकि चीनी सैनिक LAC पर निर्माण काम कर रहे थे और इस तरह के कार्य को रोकने पर मानने से इनकार कर दिया था।


प्रधानमंत्री के बयान 15 जून को गलवान में हुई घटना पर फोकस किए गए थे, जिसमें 20 जवानों की जान चली गई थी।


पीएम मोदी ने सैनिकों की वीरता और देश भक्ति के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने वहां मौजूद चीनी दावों को खारिज कर दिया था। प्रधानमंत्री की टिप्पणी इस बारे में थी कि हमारे सशस्त्र बलों की बहादुरी के बाद LAC पर हमारी सीमा के भीतर कोई चीनी मौजूदगी नहीं थी। बिहार रेजीमेंट के जवानों ने चीन को खदेड़ दिया, उनको निर्माण कार्य नहीं करने दिया।


पीएम मोदी ने अपने शब्दों में कहा था कि जिन लोगों ने हमारी भूमि पर कब्जाने की कोशिश की है, उसको हमारे बहादुर बेटों ने कड़ा सबक सिखाया है। पीएम मोदी ने आगे जोर देकर कहा कि मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेना हमारी सीमाओं की रक्षा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।


भारतीय क्षेत्र क्या है यह भारत के नक्शे पर साफ तौर पर दर्शाया गया है। यह सरकार दृढ़ता के साथ संकल्पबद्ध है। सर्वदलीय बैठक में सब कुछ विस्तार से जानकारी दी गई है। यह भी साफ तौर पर कहा गया है कि सरकार LAC के एकतरफा बदलाव की अनुमति नहीं देगी।


सरकार की ओर से कहा गया है कि ऐसे समय में जब हमारे बहादुर सैनिक सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनका मनोबल कम करने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है। पीएम के बयान पर खड़े किए जा रहे विवाद को प्रोपेगैंडा बताते हुए सरकार ने कहा है कि इससे भारतीयों की एकजुटता को कम नहीं किया जा सकता।


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