आलू-प्याज, दलहन-तिलहन, तेल, अनाज को डीरेगुलेट करेगी सरकार

निर्मला सीतारमण ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट में संशोधन का ऐलान किया है जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सकती है
अपडेटेड May 16, 2020 पर 10:55  |  स्रोत : Moneycontrol.com

20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज की तीसरी किस्त में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने खेती और इससे जुड़े सेक्टर्स के लिए कई अहम ऐलान किए।


इसमें एक सबसे अहम ऐलान था एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट, 1955 में संशोधन। इस कानून में संशोधन का मतलब है कि अनाज, खाद्य ऑयल, तिलहन, दलहन, आलू और प्याज को डीरेगुलेट कर दिया गया है। यानी इस पर से सरकार ने कानूनी शिकंजा ढीला कर लिया है।


निर्मला सीतारमण ने कहा, "किसानों को उनकी फसल के बदले अच्छी कीमत मिले इसलिए एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट में संशोधन किया जा रहा है। अब कृषि उत्पाद जिनमें अनाज, खाद्य तेल, तिलहन, दलहन को डीरेगुलेट कर दिया गया है।" यानी अब इसकी कीमतों पर सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा ये बाजार के हिसाब से तय होंगी। सरकार की इस कोशिश का मकसद किसानों की आमदनी बढ़ाना है।


सरकार किसानों के लिए मार्केटिंग रिफॉर्म्स भी लेकर आई है। इसमें किसानों के पास सिर्फ APMC को अपने उत्पाद बेचने की मजबूरी नहीं होगी। वह जिसे चाहे अपना उत्पाद बेच सकता है।


सीतारमण ने कहा कि एसेंशियल एक्ट में संशोधन से प्रोसेसर्स या वैल्यू चेन पार्टिसिपेंट्स पर कोई स्टॉक लिमिट लागू नहीं होगा। किसी प्राकृतिक आपदा या दोबारा इस एक्ट में संशोधन के बाद ही स्टॉक लिमिट लागू होगी।


सीतारमण ने यह भी कहा कि किसानों के लिए फार्म गेट इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का कोर फंड दिया जाएगा।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।