स्वाभिमानी भारत की सफलता की कहानियां, भारत का पहला स्पेस लॉन्च स्टार्टअप Skyroot Aerospace

Skyroot Aerospace भारत का पहला निजी स्पेस लॉन्च स्टार्टअप है जिसने एक स्वदेशी रॉकेट इंजन बनाने की क्षमता का प्रदर्शन किया है।
अपडेटेड Jan 22, 2021 पर 10:50  |  स्रोत : CNBC-Awaaz

वो क्या है जो हम सभी को भारतीय होने पर गर्व महसूस करवाता है? साथ ही हमें बाकी दुनिया से भी अलग करता है? दरअसल वो है हमारी आत्मनिर्भर होने की क्षमता और हमारे अंदर आत्म-सम्मान की भावना का होना। नेटवर्क 18 की पहल और ITC द्वारा प्रस्तुत- स्वाभिमान भारत, एक ऐसा ही इनिशिएटिव है जो आपको देश भर से ऐसे भारतीयों की कहानियां दिखाएगा जो सरकार की मदद के बिना समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। नवाचार और उपलब्धियों  की ऐसी कहानियां (Innovations and accomplishments) जो बताती हैं कि हम एक राष्ट्र के रूप में कितने सबल हैं। एक ऐसी ही कहानी है स्पेसटेक स्टार्टअप की जो लॉन्च के लिए रॉकेट का निर्माण कर रहे हैं। ये कहानी है स्काईरूट एयरोस्पेस की।


नागा भारत डाका और पवन कुमार चंदना एक समय में  Indian Space Research Organisation में रॉकेट इंजीनियर के रुप में कार्यरत थे। उन्होंने अपनी खुद की रॉकेट्स की फैमिली बनाने के लिए 2018 में नौकरी छोड़ कर स्काईरूट एयरोस्पेस की शुरूआत की। स्काईरूट का मिशन कम लागत में विश्वसनीय लॉन्च वाहनों को विकसित करना है ताकि अंतरिक्ष की पहुंच का लोकतंत्रीकरण किया जा सके।
 
यह भारत का पहला निजी स्पेस लॉन्च स्टार्टअप है जिसने एक स्वदेशी रॉकेट इंजन बनाने की क्षमता का प्रदर्शन किया है। स्काईरूट ने launch vehicle guidance,navigation and control functions के लिए इन-हाउस सॉफ्टवेयर भी विकसित किया है और अब ये फर्म 2021 के अंत तक अपने पहले लॉन्च को लक्षित कर रहा है।
 
 
अंतरिक्ष में आधिकारिक तौर पर निजी खिलाड़ियों की भागीदारी को मंजूरी देने वाली सरकार के साथ, स्काईरूट एयरोस्पेस अब आकाश की तरफ अपना लक्ष्य साध रहा है। भारत से एसी ही सफलता और की कहानियां देखने के लिए बने रहें नेटवर्क 18 की खास पहल ITC प्रेजेंट्स स्वाभिमान भारत के साथ।




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