लॉकडाउन के बाद 8 महीने में पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है GST कलेक्शन

अधिकारियों ने बताया कि फेस्टिवल सीजन के कारण घरेलू मांग में तेजी आई है
अपडेटेड Oct 25, 2020 पर 16:12  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना महामारी (CoronaVirus) के कारण लागू किए गए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण भारत में पहली बार आठ महीनों में माल एवं सेवा कर यानी GST (Goods and Services Tax) कलेक्शन (GST Collections) एक लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की उम्मीद है। GST से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि इस बार GST कलेक्शन (GST Collections) एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। बता दे की GST को आर्थिक स्वास्थ्य का बैरोमीटर माना जाता है।


GST कलेक्शन को लेकर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अब GST में बढ़ोतरी की उम्मीद है, क्योंकि लॉकडाउन खुलने के बाद देश में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है और कारोबार सामान्य हो रहा है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने बताया कि फेस्टिवल सीजन के कारण घरेलू मांग में तेजी आई है और बाजार में तेजी देखने को मिल रही है।


अधिकारियों ने कहा कि GST रिटर्न ( GST Returns) फाइल करने से अक्टूबर में GST कलेक्शन एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इसकी फाइलिंग करदाता GST फॉर्म नंबर 3 B (GSTR-3B) के माध्यम से करेंगे। पिछले महीने की रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारिख 20 अक्टूबर रखी गई है। वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल इस समय 1.1 मिलियन से अधिक जीएसटीआर -3 बी रिटर्न (GSTR-3B Returns) दाखिल किए गए थे, जो इस साल 4 अक्टूबर तक 485,000 की तुलना में अधिक है।


इस समय GST कलेक्शन में उछाल आना केंद्र सरकार के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि सरकार राज्यों की 2.35 लाख रुपये की GST भरपाई के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का लोन ले रही है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के कारण 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। यह 68 दिनों तक चला था। इस लॉकडाउन के कारण निर्माण क्षेत्र में सेवा क्षेत्र में काफी गंभीर असर पड़ा था, क्योंकि सभी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद हो गई थी।


केंद्र ने GST क्षतिपूर्ति के लिए कर्ज लेकर 16 राज्यों को जारी किए 6,000 करोड़ रुपये


केंद्र सरकार ने 16 राज्यों एवं दो केंद्र शासित प्रदेशों को GST क्षतिपूर्ति की पहली किस्त के रूप में कर्ज लेकर 6,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पिछले सप्ताह केंद्र ने GST क्षतिपूर्ति को लेकर विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों की मांग को स्वीकार कर लिया था। उनकी मांग थी कि केंद्र स्वयं कर्ज लेकर राज्यों की GST की क्षतिपूर्ति करे।


वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र, राज्यों को GST में 1.1 लाख करोड़ रुपये की कमी की क्षतिपूर्ति के लिए बाजार से किस्तों में कर्ज उठाएगा। मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने 2020-21 में GST कलेक्शन में कमी को पूरा करने के लिये विशेष कर्ज की व्यवस्था की है। कुल 21 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों ने इस व्यवस्था का विकल्प चुना है। कर्ज को लेकर समन्वय वित्त मंत्रालय करेगा। इनमें से पांच राज्यों में GST क्षतिपूर्ति मद में कोई कमी नहीं है।


बयान के अनुसार यह कर्ज 5.19 प्रतिशत ब्याज पर लिया गया है और इसकी मियाद मोटे तौर पर 3 से 5 साल के लिए है। मंत्रालय ने कहा कि वह हर सप्ताह राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये जारी करेगा। वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस व्यवस्था से केंद्र के राजकोषीय घाटे पर असर नहीं होगा और यह राज्य सरकारों की पूंजी प्राप्ति के रूप में प्रदर्शित होगा।


सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook (https://www.facebook.com/moneycontrolhindi/) और Twitter (https://twitter.com/MoneycontrolH) पर फॉलो करें।