जानें, बैन के बाद भी भारत में कैसे इस्तेमाल किया जा रहा TikToK

बैन के बावजूद दिसंबर 2020 में भारत में सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की तुलना में TikTok पर ज्यादा यूजर्स एक्टिव थे
अपडेटेड Apr 01, 2021 पर 15:26  |  स्रोत : Moneycontrol.com

शॉर्ट वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म TikTok को भारत में 29 जून 2020 को बैन कर दिया गया था, फिर भी इस ऐप को भारत में काफी लोग एक्सेस कर पा रहे हैं। सिमिलर वेब (Similar Web) की तरफ से साझा किए गए डेटा में इसके सबूत मिले हैं। ये एक ऑनलाइन पोर्टल है, जो वेब एनालिटिक्स सर्विस (Web Analytics Service) प्रदान करता है।


डिजिटल ट्रेंड्स नाम की अपनी रिपोर्ट में वेब पोर्टल ने बताया कि TikTok पर बैन के बावजूद दिसंबर 2020 में भारत में सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम की तुलना में TikTok पर ज्यादा यूजर्स एक्टिव थे। पिछले साल कोरोनावायरस के कारण मार्च और जून के बीच में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान Tiktok ने अच्छी ग्रोथ की थी, लेकिन जुलाई के बाद से इसमें गिरावट आने लगी थी।


इसमें चौंकाने वाली बात ये है कि बैन के बावजूद भी अगस्त और अक्टूबर के बीच एक बार फिर से ऐप के मासिक एक्टिव यूर्जर्स में बढ़ोतरी आई है। सवाल उठता है कि बैन के बाद भी ऐप को आखिर कैसे एक्सेस किया जा रहा है?


टेक और मीडिया में शुरुआती दौर के सौदों पर केंद्रित बुटीक निवेश बैंक के एमडी उत्कर्ष सिन्हा ने कहा कि तत्काल प्रतिबंध ऐप के नए इंस्टॉल के लिए था। इसका मतलब ये कि नए यूजर्स TikTok को डाउनलोड नहीं कर सकते। साथ ही अगर किसी ने ऐप को डिलीट कर दिया, तो वो भी उसे फिर से इंस्टॉल नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि
हालांकि, जिनके पास ऐप है, वे अभी भी इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं।


डिजिटल ऑडियो प्लेटफॉर्म खबरी के सह-संस्थापक और CEO पुलकित शर्मा कहते हैं कि Tiktok पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने वाले लोग ऐप डाउनलोड करने के दूसरे तरीके खोज रहे हैं। .apk फाइल फॉर्मेट में दूसरी वेबसाइट से Tiktok को अभी भी डाउनलोड किया जा सकता है।


फिर वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) के उपयोग की संभावना है। साइबर पीस फाउंडेशन के साइबर सिक्योरिटी थिंक टैंक के साथ काम करने वाली साइबर वकील जेनिस वर्गीस ने बताया कि VPN के जरिए यूजर किसी भी बैन को दरकिनार कर कंटेंट को आसानी से एक्सेस कर सकता है।


उन्होंने आगे बताया कि पहले के मुकाबले अब लोग वीपीएन के बारे में ज्यादा जानते हैं। सर्च करने पर आपको आसानी इसे इस्तेमाल करने के तरीके पता लग जाएंगे। उन्होंने कहा कि VPN सेट करने में मदद करने वाले कई ऐप मुफ्त में और आसानी मिल जाते हैं। VPN किसी भी बैन साइट तक पहुंचने का सबसे आम तरीका है।


अब सवाल उठता है कि बैन की साइट्स या ऐप को इस्तेमाल क्यों करना? एमएडी इन्फ्लूएंस के फाउंडर और CEO गौतम माधवन समझाते हैं कि हाल के कुछ दिनों में भारतीय कंटेंट ने अंतरराष्ट्रीय मार्केट में अच्छा नाम कमाया है।


वो कहते हैं कि TikTok एक ग्लोबल प्लेटफॉर्म है। ये भारत के बाहर दुबई, नेपाल, श्रीलंका जैसे देशों में भी काफी चलता है, जहां भारतीय कंटेंट को काफी पसंद किया जाता है। इतना ही नहीं बैन के बाद कई फेमस लोगों को फॉलोअर्स अब भी बढ़ रहे हैं, जबकि वो ऐप का इस्तेमाल भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐप पर बैन के बाद कंटेंट क्रिएटर कोई वीडियो या कंटेंट नहीं अपलोड कर पा रहे हैं, लेकिन फिर अंतरराष्ट्रीय मार्केट में उनके फॉलोअर्स बढ़ रहे हैं।


शेनॉय ने एक और कारण बताया कि प्रतिबंध के बाद भारतीयों ने Tiktok का इस्तेमाल जारी रखा, TikTok यूजर्स को इसी तरह के एक दूसरे प्लेटफॉर्म की जरूरत थी। शेनॉय ने कहा कि बहुत से यूजर्स इंस्टाग्राम पर एक शॉर्ट वीडियो शेयरिंग फीचर, रील्स पर चले गए। बैन के कारण बहुत सारे यूजर्स को पैसों का भी नुकसान हुआ, लेकिन Reels में Tiktok से ज्यादा फीचर होने के कारण काफी यूजर्स उस पर चले गए।


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