ICMR ने कोरोना टेस्ट के लिए 4500 रुपए की सीमा हटाई, सस्ती होगी जांच

ICMR ने कहा, पहले इंपोर्टेट किट्स से जांच होती थी लेकिन अब घरेलू बाजार में ही किट तैयार हो रहे हैं
अपडेटेड May 27, 2020 पर 15:35  |  स्रोत : Moneycontrol.com

देश में तेजी से कोरोनावायरस (Coronavirus) का संक्रमण फैल रहा है। 27 मई तक देश भर में संक्रमित लोगों का आंकड़ा बढ़कर 1.5 लाख से ज्यादा हो चुका है। जितने ज्यादा मरीज बढ़ रहे हैं उतनी ज्यादा टेस्टिंग बढ़ रही है। ऐसे में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक अहम फैसला लेते हुए Covid-19 की टेस्टिंग की 4500 रुपए की सीमा हटा दी है। ICMR ने कहा है कि राज्यों को अब यह अधिकार दिया जा रहा है कि वह अप्रूव्ड लैब से बातचीत करके अपने हिसाब से टेस्ट की कीमत तय कर सके।


राज्यों को लिखे एक लेटर में ICMR के डायरेक्टर जनरल डॉ. बलराम भार्गव ने कोरोनावायरस संक्रमण शुरू होने से अब तक टेस्टिंग की क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हुआ है। लिहाजा अब कोरोना टेस्टिंग की कोई कीमत तय करने की जरूरत नहीं है। घरेलू स्तर पर भी किट्स बनाए जाने से यह काम अब आसान हुआ है।


भार्गव ने कहा कि शुरुआत में दुनियाभर में टेस्टिंग किट की कमी थी। तब भारत को इसके लिए इंपोर्ट पर ही निर्भर रहना पड़ रहा था। मार्च के मध्य तक कोरोना के RT-PCR टेस्ट के लिए देश में कोई रेट नहीं था। इंपोर्टेट किट्स की कीमत को ध्यान में रखते हुए तब जांच के लिए 4500 रुपए तय किए गए थे। 


इस मामले में कर्नाटक ने सबसे तेजी से एक्शन लिया है। राज्य के प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्टिंग की कीमत 2250 रुपए तय है। प्राइवेट लैब्स ने भी अब कीमत कम करना शुरू कर दिया है। डॉक्टर लाल पैथ लैब्स के साथ मिलकर दिल्ली सरकार कोरोनावायरस का टेस्ट करवा रही है जिसकी कीमत 3500 रुपए है। देश में अभी 428 सरकारी और 182 प्राइवेटट लैब्स में Covid-19 की टेस्टिंग हो रही है।


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