वित्त वर्ष 2019-20 के आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ी

पहले इसके लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2020 तय की गई थी
अपडेटेड Oct 26, 2020 पर 09:52  |  स्रोत : Moneycontrol.com

कोरोना महामारी को देखते हुए आयकर विभाग (Income Tax Department) ने रिटर्न भरने की अंतिम तारीख एक बार फिर बढ़ा दी है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी CBDT (Central Board of Direct Taxes) से मिली जानकारी के अनुसार, अब आम नागरिक जिन्हें अपने रिटर्न (income tax return) के साथ ऑडिट रिपोर्ट नहीं लगानी पड़ती थी, वह वर्ष 2019-20 के लिए अपना रिटर्न 31 दिसंबर 2020 तक दायर कर सकते हैं। पहले इसके लिए अंतिम तारीख 30 नवंबर 2020 तय की गई थी।


CBDT ने एक आदेश में कहा कि कोरोना वायरस संकट के चलते करदाताओं को पेश आ रही परेशानियों को देखते हुए यह निर्णय किया गया है। आकलन वर्ष 2019-20 के लिए देरी से या संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की तारीख 30 नवंबर 2020 से बढ़ाकर 31 दिसंबर 2020 कर दी गई है। कोविड-19 संकट के चलते वित्त वर्ष 2018-19 का आयकर रिटर्न दाखिल करने के लिए सरकार की ओर से यह चौथी बार समयसीमा बढ़ाई गई है।


इससे पहले मार्च में सरकार ने अंतिम तारीख को 31 मार्च 2020 से बढ़ाकर 30 जून 2020 किया था। बाद में इसे 31 जुलाई 2020 तक और फिर 30 सितंबर 2020 तक बढ़़ाया गया। फिर अंतिम तारीख 30 नवंबर 2020 तय की गई थी। टैक्स विवादों के निपटान के लिए लाई गई विवाद से विश्वास योजना का लाभ भी बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा दिया गया था।


केंद्रीय वित्त मंत्रालय ( Finance Ministry) से मिली जानकारी के अनुसार, अब वैसे करदाता, जिनके रिटर्न में ऑडिट रिपोर्ट नहीं लगती है, वह 31 दिसंबर 2020 तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। वैसे टैक्सपेयर, जिनके रिटर्न में ऑडिट रिपोर्ट लगानी पड़ती है, उनके लिए IT रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 जनवरी 2021 तय की गई है। सरकार के इस फैसले से व्यापारियों, प्रोफेशनल्स, वेतनभोगी या अन्य करदाताओं को फायदा होगा। 


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