सीरम इंस्टीट्यूट को वैक्सीन ट्रायल के लिए 7-11 साल के बच्चों को इनरोल करने की मिली इजाजत

भारत में दो वैक्सीन कंपनियां पहले ही बच्चों पर कोविड वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर चुकी हैं
अपडेटेड Sep 28, 2021 पर 19:07  |  स्रोत : Moneycontrol.com

सरकार ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) को उसकी कोरोना वैक्सीन ट्रायल प्रोग्राम के लिए 7 साल से 11 साल के बच्चों को इनरोल करने की इजाजत दे दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी।


केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के एक विषय विशेषज्ञ पैनल ने कहा, "विस्तृत विचार-विमर्श के बाद समिति ने प्रोटोकॉल के अनुसार 7 से 11 वर्ष के आयु वर्ग बच्चों को इनरोल करने की अनुमति देने की सिफारिश की।"


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सीरम इंस्टीट्यूट कोविशील्ड के अलावा कोवैक्स नाम से भी एक कोविड वैक्सीन बना रही है। पिछले महीने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के CEO अदार पूनावाला ने कहा था कि उन्होंने उम्मीद है कि कोवैक्स को इस साल अक्टूबर में एडल्ट के लिए और अगले साल की पहली तिमाही में इसे बच्चों के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा।


सीरम इंस्टीट्यूट से पहले भारत की दो वैक्सीन कंपनियां बच्चों पर कोविड वैक्सीन का ट्रायल शुरू कर चुकी हैं। इनमें भारत बायोटेक और जायडस कैडिला (ZyCoV-D) शामिल है।


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पिछले हफ्ते सीरम इंस्टीट्यूट ने सरकार को बताया कि वह अक्टूबर में उसे कोविशील्ड की करीब 22 करोड़ खुराक उपलब्ध करा सकेगा। SII ने कहा कि कंपनी ने कोविशील्ड की अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा दी है और यह अक्टूबर में भारत सरकार और निजी अस्पतालों को टीके की 21.90 करोड़ खुराक की आपूर्ति करने में सक्षम होगी।


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