India-China Border Faceoff: लगातार तीसरे दिन भारत-चीन के बीच मेजर-जनरल लेवल की बातचीत

दोनों देशों की सेनाओं के बीच पिछले 5 मई से गलवान और पूर्वी लद्दाख के कुछ अन्य इलाकों में दोनों पक्षों में तनातनी चल रही है
अपडेटेड Jun 18, 2020 पर 19:42  |  स्रोत : Moneycontrol.com

 पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हालात सामान्य करने के लिए लगातार तीसरे दिन गुरुवार को भी भारतीय और चीनी सेनाओं ने मेजर जनरल-स्तर की वार्ता की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। गलवान घाटी में सोमवार आधी रात को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गये थे। इस झड़प में भारतीय सेना के लगभग 18 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे। इससे पहले मंगलवार और बुधवार को भी दोनों पक्षों में मेजर जनरल लेवल की बातचीत हुई थी लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला।


मेजर जनरल स्तर की बातचीत में गलवान घाटी से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को लागू करने पर चर्चा हुई थी। 6 जून को दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय सैन्य वार्ता में इसी पर सहमति बनी थी। चीन को कड़ा संदेश देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा था कि भारत शांति चाहता है किंतु यदि उकसाया गया तो वह यथोचित जवाब देने में सक्षम है। साथ ही उन्होंने कहा था कि भारतीय जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जायेगा।


पैंगोंग त्सो के किनारे दोनों पक्षों के बीच हुए संघर्ष के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच पिछले 5 मई से गलवान और पूर्वी लद्दाख के कुछ अन्य इलाकों में दोनों पक्षों में तनातनी चल रही है। गतिरोध शुरू होने के बाद से भारतीय सैन्य नेतृत्व ने फैसला किया था कि पैंगोंग त्सो, गलवान घाटी, डेमचोक और दौलत बेग ओल्डी के सभी विवादित इलाकों में चीनी सैनिकों की किसी भी आक्रामक कार्रवाई से पूरी दृढ़ता के साथ निपटा जाएगा।


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