India-China Faceoff: चीन के साथ मिलिट्री लेवल की बैठक के बाद सेना ने कहा, 'सकारात्मक' रही बातचीत

हालांकि इस बीच हालात का जायजा लेने आर्मी चीफ नरवणे दो दिनों के दौरे पर लद्दाख गए हैं
अपडेटेड Jun 24, 2020 पर 08:22  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत-चीन सीमा पर बढ़ते तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों की सेना की लंबी मीटिंग हुई है। इसके बाद अपने पहले औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना ने कहा कि बातचीत "सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण" रही है। भारत और चीन की सेना के बीच सोमवार को लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की बातचीत हुई। 15 जून की रात दोनों देशों के सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। बिगड़ते हालात को ठीक करने की कोशिश के साथ टॉप आर्मी लीडरशिप हालात पर करीबी नजर भी बनाए हुए है।


दोनों देशों की सेना के बीच यह मीटिंग सोमवार सुबह 11.30 बजे शुरू हुई जो रात तक चलती रही। यह बैठक पूर्वी लद्दाख के चुशुल सेक्टर के मोलदो (चीन की सीमा) में हो रही थी। लेफ्टिनेंट जनरल लेवल की पहली बातचीत  6 जून को इसी जगह पर हुई थी। तब दोनों पक्षों ने पीछे हटने का फैसला किया था। हालांकि 15 जून को हुई मुठभेड़ के बाद हालात और खराब हो गए। 3500 किलोमीटर लंबी सीमा पर दोनों तरफ सेना और हथियारों का जखीरा जमा कर लिया गया था।


आर्मी के जनरल चीफ एमएम नरवणे दो दिन के दौरे पर आज लेह गए हैं। वह सेना की तैयारियों का जायजा लेंगे। नरवणे ग्राउंड कमांड से बातचीत करेंगे और हालात का जायजा लेंगे। भारत और चीन के बीच पिछले 6 हफ्तों से सीमा पर तनातनी चल रही है। चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ बिपिन रावत भी लेह का दौरा करेंगे।


इस बीच एक अहम फैसले में सरकार ने LAC पर तैनात सैनिकों को हथियारों का इस्तेमाल करने की छूट दे दी है। सरकार ने भारतीय सेना को अब यह अधिकार दिया है कि चीन के उकसावे पर वह अपने हिसाब से मामले से निपट सकते हैं। भारत और चीन के बीच 1996 में एक समझौता हुआ था जिसके तहत सीमा पर किसी भी देश के सौनिक गोली ( Firearms) नहीं चलाएंगे।


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