India China Border Tension: भारत-चीन सीमा पर झड़प, भारत के एक कर्नल और दो जवानों की मौत

India China Tension: इन जवानों की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है
अपडेटेड Jun 16, 2020 पर 22:36  |  स्रोत : Moneycontrol.com

India China tension Latest news। भारत-चीन के बीच सीमा विवाद (India China Border Tension ) पर तनाव बढ़कर अब झड़प में बदल गई है। सीमा पर चीन के साथ झड़प में भारत के एक कर्नल और दो जवानों की मौत हो गई है। इन जवानों की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, लद्दाख के गलवान वैली में भारत और चीन की आर्मी के बीच झड़प हुई। इसमें सिर्फ भारत की तरफ से तीन आर्मी जवानों की हत्या हुई है। इसमें एक आर्मी के सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं। पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्ष आपसी बातचीत के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन ताजा झड़प के बाद सीमा पर हालात बिगड़ सकते हैं।आर्मी ने कहा है कि इस मामले पर 2 बजे आर्मी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाली है। इस बीच खबर आई है कि भारत और चीन के प्रमुख जनरल लद्दाख के गलवान घाटी और अन्य क्षेत्रों में स्थिति को सामान्य करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। 


चीन की सरकारी एजेंसी ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक पीपल्स लिबरेशन आर्मी (Peoples Liberation Army) के 5 जवान इस झड़प में मारे गए हैं। रॉयटर्स से बातचीत में चीन ने यह जरूर कहा है कि भारत कोई एकतरफा कार्रवाई ना करे। आर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नारवाणे पठानकोट जाने वाले थे। लेकिन सीमा पर चीन के साथ विवाद बढ़ने के कारण उन्होंने अपनी यह यात्रा टाल दी है।


भारत और चीन के बीच मौजूद LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) को लेकर दोनों देशों के बीच इस बात को लेकर समझौता हुआ है कि वहां कोई भी पक्ष गोलीबारी नहीं करेंगे। ऐसे में सामान्य तौर पर जब झड़प होती है तो वह हाथापाई या धक्कामुक्की की तरह होता है। हालांकि चीन कई बार कांटेदार तारों को लपेटकर मारने के लिए इस्तेमाल करता है। ऐसे में अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि भारतीय जवानों की मौत कैसे हुई है। इससे पहले 11 जून को यह खबर आई थी कि चीन एक तरफ सुलह की बात कर रहा है और दूसरी तरफ सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की तरफ अपनी सेना बढ़ा दी है। मई में सीमा पर दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।


कैसे शुरू हुआ विवाद


मार्च के दूसरे हफ्ते में एक भारतीय सैनिक के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद कई एहतियाती कदम उठाए गए थे। इस दौरान सिक्योरिटी फोर्स के एक साथ जमा होने पर भी पाबंदी लगा दी गई थी। सरकारी अधिकारी के मुताबिक, उसी दौरान यह भी आदेश दिया गया था कि महामारी का संक्रमण रोकने के लिए आर्मी का ज्वाइंट ट्रेनिंग एक्सरसाइज भी रोक दिया गया था।


कोरोनावायरस की वजह से चीन की सेना ने भी ज्वाइंट एक्सरसाइज एक महीने के लिए टाल दिया था लेकिन चीन ने तेजी से गलवान वैली और पैंगॉग सो लेक (Pangong Tso lake) सहित फिंगर एरिया में आर्मी तैनात करके भारतीय सेना को हैरान कर दिया। हालात की गंभीरता को भांपते हुए भारतीय सेना ने भी Covid-19 के सभी प्रोटोकॉल तोड़ते हुए सीमा पर पहुंची।


लेकिन चीन की सेना सीमा पर पहले पहुंचने का पूरा फायदा उठा चुकी थी। चीन की सेना भारतीय सीमा के भीतर गलवान और फिंगर एरिया के कई रणनीतिक ठिकानों पर अपना कब्जा कर चुकी थी। सूत्रों के मुताबिक, गलवान में चीन के 3400 सैनिक और पैंगॉन्ग सो लेक में 3600 सैनिक तैनात हैं।


सूत्रों के मुताबिक, भारत को अप्रैल अंत में सीमा पर चीनी सैनिकों के मूवमेंट के बारे में पता चला। तब देश में दूसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा था। भारत और चीन की सेना के बीच पहली बार आमना-सामना 5-6 मई को हुआ था। उसमें कुछ भारतीय सैनिक घायल हुए थे और कुछ सैनिकों को 6 घंटे से भी ज्यादा लंबे समय के लिए बंदी बना लिया गया था। 6 जून को देश के डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह इस मामले में चीन से बात करने वाले हैं।


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