भारत का चीन पर पलटवार, कहा- एकतरफा परिभाषित 1959 LAC को हमने कभी स्वीकार नहीं किया

भारत ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष पूरी ईमानदारी और विश्वासपूर्वक सभी समझौतों और समझ का पालन करेगा
अपडेटेड Sep 30, 2020 पर 08:56  |  स्रोत : Moneycontrol.com

चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की स्थापना गैरकानूनी तरीके से की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि है उनका देश भारत द्वारा स्थापित किए गए कथित केंद्र प्रशासित प्रदेश लद्दाख को मान्यता नहीं देता है। भारत ने चीन की इस हरकत पर कड़ा विरोध जताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की स्थिति पर एक चीनी विदेश मंत्रालय के बयान के हवाले से रिपोर्ट देखी है। भारत ने चीन द्वारा तथाकथित एकतरफा परिभाषित 1959 LAC को कभी स्वीकार नहीं किया है।


साथ ही विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) की ओर से ऐसी बातचीतों के संदर्भ भी पेश किए गए हैं, जो पिछले दशकों में भारत और चीन के बीच दोनों पक्षों को मान्य LAC के निर्धारण के लिए होती आई हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि हमनें भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के बारे में चीन के एक प्रवक्ता के हवाले से आई रिपोर्ट देखी है। भारत ने कभी भी एकतरफा कार्रवाई के तहत 1959 में बनाए गए LAC को स्वीकार नहीं किया है। हमारी यह स्थिति हमेशा से रही है, और चीन समेत सभी को इस बारे में पता भी है।


भारत ने अपने बयान में आगे कहा कि 2003 तक दोनों तरफ से LAC के निर्धारण की दिशा में कोशिश होती रही, लेकिन इसके बाद चीन ने इसमें दिलचस्पी दिखानी बंद कर दी लिहाजा ये प्रक्रिया रुक गई। इसलिए अब चीन का इस बात पर जोर देना कि केवल एक ही LAC है, यह उन्होंने ने जो वादे किए थे, उनका उल्लंघन है। MEA द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि भारत ने LAC का हमेशा सम्मान और पालन किया है।


भारतीय विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि 1993 के LAC पर शांति और अनुरक्षण बनाए रखने को लेकर किए गए समझौते, 1996 में सैन्य क्षेत्र में विश्वास निर्माण उपायों (CBMs) पर समझौते और 2005 में CBM (Confidence Building Measures) के कार्यान्वयन पर प्रोटोकॉल सहित 2005 में भारत-चीन सीमा सवाल के निपटारे के लिए राजनीतिक पैरामीटर और मार्गदर्शक सिद्धांत पर समझौता, भारत और चीन दोनों ने LAC को अंतिम रूप देने की एक आम समझ तक पहुंचने के लिए किए थे। वे LAC को स्पष्ट करने और इसकी पुष्टि के लिए प्रतिबद्ध हैं।


भारत ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि चीनी पक्ष पूरी ईमानदारी और विश्वासपूर्वक सभी समझौतों और समझ का पालन करेगा और एलएसी की एकतरफा व्याख्या को आगे बढ़ने से चीन को बचना चाहिए। बता दें कि चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Wang Wenbin ने कहा कि भारत ने लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की स्‍थापना अवैध तरीके से की है। वे इतने पर ही नहीं रूके, उन्होंने आगे कहा कि भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल को लेकर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है। हम 7 नवंबर 1959 को बताई गई सीमा को LAC मानते हैं।


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