उप राष्ट्रपति के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर आपत्ति करने के लिए चीन को भारत की फटकार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न और अलग न किया जा सकने वाला हिस्सा है
अपडेटेड Oct 14, 2021 पर 09:43  |  स्रोत : Moneycontrol.com

अरुणाचल प्रदेश के उप राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के दौरे पर आपत्ति जताने को लेकर भारत ने बुधवार को चीन को कड़ी फटकार लगाई। केंद्र सरकार ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश देश का अभिन्न और अलग न किया जा सकने वाला हिस्सा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची का कहना था कि भारत के एक राज्य में भारतीय नेताओं के दौरे पर आपत्ति जताना समझ से बाहर है।


उन्होंने कहा, "हमने चीन के आधिकारिक प्रवक्ता की ओर से दिए गए बयान को देखा है। अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अलग न किया जा सकने वाला भाग है।"


चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अरुणाचल प्रदेश में वीकेंड पर नायडू के दौरे पर आपत्ति जताई थी।


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बागची ने बताया कि भारतीय नेता नियमित तौर पर अरुणाचल प्रदेश की यात्रा करते हैं, जैसे वे देश के अन्य राज्यों में जाते हैं। देश के एक राज्य में भारतीय नेताओं के दौरे पर आपत्ति करने का कोई कारण नहीं है और यह लोगों की समझ से बाहर है।


चीन इससे पहले भी अरुणाचल प्रदेश में भारतीय नेताओं के दौरे पर आपत्ति जताता रहा है। चीन का कहना है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है।


बागची ने बताया कि भारत-चीन बॉर्डर के वेस्टर्न सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हाल ही में तनाव की स्थिति का कारण चीन की ओर से द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन कर इस क्षेत्र में यथास्थिति को बदलने की कोशिशें हैं।


पूर्वी लद्दाख के निकट बसे को वेस्टर्न सेक्टर कहा जाता है।


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