India-US 2+2 Dialogue: चीन और पाक को कड़ा संदेश, सभी खतरों से मिलकर निपटेंगे भारत और अमेरिका, चीन को लगी मिर्ची

माइक पोम्पियो ने कहा, हम वॉर मेमोरियल गए और हमने उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने भारत के लिए अपनी जान दी। इनमें वो 20 जवान भी शामिल हैं, जो गलवान में चीन से लड़ते हुए शहीद हुए थे
अपडेटेड Oct 28, 2020 पर 10:13  |  स्रोत : Moneycontrol.com

भारत और अमेरिका के बीच आज सैन्य सहयोग को लेकर एक बड़ा करार हुआ है। राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत-अमेरिका टू प्लस टू वार्ता (India-US 2+2 Dialogue) के दौरान भारत-अमेरिका के बीच बेसिक एक्सचेंज एंड कॉपरेशन एग्रीमेंट यानी BECA समझौते पर हस्ताक्षर हुआ। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने हस्ताक्षर किए। मार्क एस्पर ने कहा, हम भारत को और ज्यादा ड्रोन और फाइटर प्लेन देना चाहते हैं। इसके बाद भारत और अमेरिका के बीच हुई टू प्लस टू वार्ता से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। संयुक्त प्रेस वार्ता से पहले अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।

चीन शांति के लिए खतरा

वार्ता से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने दिल्ली स्थिति वॉर मेमोरियल पहुंच शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके साथ अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी मौजूद थे। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि आज हम वॉर मेमोरियल गए थे। हमने उन वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने भारत के लिए अपनी जान दी। इनमें वो 20 जवान भी शामिल हैं, जो गलवान में चीन से लड़ते हुए शहीद हुए थे। भारत अपनी अखंडता के लिए खतरों से लड़ रहा है और हम भारत के साथ खड़े हैं। पोम्पियो ने कहा कि भारत और अमेरिका को भारतीय उपमहाद्वीप और भारत-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से चीन के खतरों का सामना करने की जरूरत है।

अमेरिका हर कदम पर भारत के साथ

पोम्पियो ने कहा कि हमारे नेताओं और नागरिकों को स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी लोकतंत्र, कानून का शासन और पारदर्शिता के लिए खतरा है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि भारत और अमेरिका न केवल चाइना पाकिस्तान कॉरिडोर (CPC) की ओर से पैदा हुए खतरे के खिलाफ, बल्कि सभी खतरों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए सभी कदम उठा रहे हैं। पोम्पियो ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि अमेरिका और भारत न सिर्फ चीन की कम्युनिस्ट पार्टी बल्कि सभी तरह के खतरों के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं।  समझौते पर हस्ताक्षर से पहले माइक पोम्पियो और मार्क एस्पर भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मिले। माइक पोम्पियो ने कहा कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी सुरक्षा, शांति की दृष्टि से इस इलाके के लिए खतरा बनती जा रही है।

पोम्पियो की यात्रा से बौखलाया चीन

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो की भारत यात्रा से चीन बौखला गया है। चान ने पोम्पियो की इस यात्रा को एशिया में कलह बोने वाला करार दिया। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा, अमेरिका इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता को कम करने का प्रयास कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री के बयान पर चीन ने कहा कि वे चीन पर आधारहीन आरोप लगा रहे हैं। यह दर्शाता है कि अमेरिका अभी भी शीत युद्ध की मानसिकता और वैचारिक पूर्वाग्रहों से जूझ रहा है। भारत के बाद माइक पोम्पिओ मंगलवार को दो दिवसीय यात्रा पर श्रीलंका जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वह श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे। इससे भी चीनी परेशान है। चीनी दूतावास ने सोमवार को एक बयान में कहा कि हम अमेरिका द्वारा चीन और श्रीलंका संबंधों में हस्तक्षेप करने और श्रीलंका पर दबाव डालने के लिए विदेश मंत्री की यात्रा श्रीलंका यात्रा का दृढ़ता से विरोध कर रहे हैं।

BECA समझौते से भारत को होंगे ये फायदे

इस डील के होने से भारत अब मिसाइल हमले के लिए अमेरिकी डेटा का इस्तेमाल कर सकेगा, जिसमें किसी भी इलाके की सटीक भौगोलिक लोकेशन होती है। इससे भारत को मिसाइल हमले के लिए सटीक जानकारी मिल सकेगी। इस समझौतों से भारत की सैन्य ताकत मजबूत होगी और देश की सैटेलाइट क्षमता भी बढ़ेगी। इस डील से भारत को यह फायदा होगा कि अमेरिकी सैटेलाइट दुनिया भर से सैन्य ठिकानों की तस्वीरें, लोकेशन की सटीक जानकारी भारत को देंगे। ये जानकारियां डाटा, चार्ट, तस्वीरों के रूप में होगी। इस समझौते के बाद मिली सूचना के आधार पर भारत के द्वारा फायर किए गए मिसाइल अपने ठिकाने पर निशाना लगाने में ज्यादा सटीक होगें। इस डेटा के जरिए भारत अपने आस-पास दुश्मन के किसी सैन्य तैयारियों का पता लगा सकता है और जरूरत पड़ने पर उसे नष्ट भी कर सकता है। इस डील की वजह से भारत को सीमा पर चीन की सारी सैन्य गतिविधियों की जानकारी तस्वीरों और चार्ट के जरिए मिल सकेगी।

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